जानिए काैन हैं एसपी नरेंद्र बिजाराणिया, 11 माह सात दिन संभाली रोहतक की कमान...वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में 'घिरे'

Edited By Isha, Updated: 11 Oct, 2025 01:53 PM

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आईजी वाई पूरण कुमार सुसाइड केस से चर्चाओं में आए एसपी नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ सरकार ने आखिरकार कार्रवाई की है। आत्महत्या के पांच दिन बाद प्रदेश सरकार ने बिजारणिया को उनके पद से हटा दिया।

डेस्क: आईजी वाई पूरण कुमार सुसाइड केस से चर्चाओं में आए एसपी नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ सरकार ने आखिरकार कार्रवाई की है। आत्महत्या के पांच दिन बाद प्रदेश सरकार ने बिजारणिया को उनके पद से हटा दिया।  मधुबन पुलिस अकादमी में तैनात आईपीएस सुरेंद्र सिंह भोरिया को रोहतक का नया एसपी लगाया गया है। 

राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले हैं नरेंद्र
एसपी नरेंद्र बिजारणिया की गिनती प्रदेश के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारियों में होती है। 2015 बैंच के आईपीएस अधिकारी नरेंद्र बिजारणिया मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले हैं। आईपीएस बनने से पहले उन्होंने सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम डिपार्टमेंट में काम किया। यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास कर वो आईपीएस बन गए। नरेंद्र बिजारणिया को हरियाणा कैडर मिला और कार्यभार संभालने के समय से चर्चाओं में हैं।

 
साल 2017 में सिरसा में नरेंद्र बिजारणिया को ट्रेनिंग पर भेजा गया था। उस दौरान वे डिंग थाने में तैनात थे। तभी उनको सूचना मिली कि राजस्थान का गैंगस्टर आनंदपाल का भाई अपने साथियों के साथ छिपा है। उन्होंने तुरंत एसएसपी को इसकी जानकारी दी। मामला इतना संवेदनशील था कि कुछ ही देर में उच्चाधिकारियों ने एक टीम का गठन किया ।

नूंह हिंसा की आग को था बझाया

जुलाई 2023 में नूंह में हिंसा भड़की थी। बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद नूंह हिंसा की आग में सुलग गया था। वर्तमान एसपी रहे वरूण सिंगला की जगह भिवानी के एसपी नरेंद्र बिजारणिया को नूंह का एसपी बनाकर भेजा गया। नरेंद्र बिजारणिया ने हालात पर काबू पा लिया था। एसपी नरेंद्र बिजारणिया के अब तक के कार्यकाल में सीआईए प्रथम व द्वितीय लगातार सक्रिय रही। सक्रिय गैंग को रोकने के लिए सात से आठ एनकाउंटर किए। हालांकि बिजारणिया जिले के सबसे बड़े गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ को विदेश से नहीं ला सके हैं। 

छह अक्तूबर को रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में एडीजीपी वाई के पूरण के सुरक्षाकर्मी हवलदार सुशील के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। साथ ही अगले दिन अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था। उसी दिन चंडीगढ़ में एडीजीपी वाई के पूरण ने आत्महत्या कर ली थी।

परिवार ने की आरोपित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग, पोस्टमार्टम में फिर देरी
आईपीएस वा
ई पूरन कुमार ने मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घर से मिले सुसाइड नोट में पूरन कुमार ने अपनी मौत के लिए हरियाणा के कई वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। आत्महत्या करने के चार दिन बाद भी परिवार ने उनके शव का पोस्टमार्टम करवाने की सहमति नहीं दी है। पूरन की पत्नी  आईएएस अफसर अमनीत पी कुमार की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली, लेकिन परिवार का आरोप है आरोपितों को जानबूझ कर बचाया जा रहा है। शनिवार सुबह पूरन कुमार के शव को पीजीआइ पहुंचाया गया, लेकिन वहां परिवार ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने शनिवार सुबह अमनीत पी कुमार से मुलाकात भी की थी।

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