Edited By Krishan Rana, Updated: 12 Mar, 2026 02:51 PM

हरियाणा के जींद सदर थाने की पुलिस ने चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी (सीआरएसयू) के चार प्रोफेसरों के खिलाफ
जींद (अमनदीप पिलानिया) : हरियाणा के जींद सदर थाने की पुलिस ने चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी (सीआरएसयू) के चार प्रोफेसरों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी प्रोफेसरों में डॉ. जसवीर सिंह, डॉ. अनुपम भाटिया, डॉ. भावना और सुनीता शामिल हैं। यह मामला छात्राओं के इंटरनल मार्क्स में गड़बड़ी और पक्षपात के आरोपों पर आधारित है।
मामला तब सामने आया जब एमएफए (मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स) सेकंड ईयर की छात्रा ऋचा भंडारी ने शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्स्ट सेमेस्टर 2024-25 के इंटरनल मार्क्स में गंभीर हेराफेरी की गई। जिन छात्रों की उपस्थिति कम थी और कक्षा गतिविधियों में भागीदारी नहीं थी, उन्हें ज्यादा अंक दिए गए। वहीं नियमित उपस्थित और सक्रिय छात्रों को कम अंक दिए गए।
विशेष रूप से हिस्ट्री ऑफ मॉडर्न वेस्टर्न आर्ट और विज़ुअलाइज़ेशन विषयों में प्रियंका, श्वेता, विशाल, कुलदीप और नेहा जैसे छात्रों के मार्क्स बदले गए। छात्रा ने दावा किया कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी पैसे लेकर नंबर बदलते हैं। एक शिक्षक डॉ. गुरिंदर की पत्नी (जो खुद एमएफए छात्रा थीं) को भी पक्षपातपूर्ण तरीके से अधिक अंक दिए गए।
जांच के दौरान कई सबूत पेश किए गए, जिसमें मूल अंकों में बदलाव के प्रमाण शामिल हैं। कुछ शिक्षकों ने बयान में स्वीकार किया कि उनके दिए मूल अंकों को बदल दिया गया। सहायक प्रोफेसर डॉ. ज्योति ने 2 दिसंबर 2025 को बयान दर्ज कराया कि उनके द्वारा दिए इंटरनल मार्क्स को डॉ. भावना ने बिना अनुमति बदल दिए। छात्रा ने कुलपति, रजिस्ट्रार, चेयरपर्सन को कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि राज्यपाल को भी दो बार शिकायत दी गई। 26 जुलाई, 2025 को यूजीसी को शिकायत के बाद छात्रों को धमकाया गया। चेयरपर्सन डॉ. जसबीर सूरा ने दबाव डालकर छात्रों से जबरन हस्ताक्षर करवाए और कहा, "मान जाओ वरना विभाग बंद कर दूंगा।"
इसके बाद फाइन आर्ट्स विभाग के चेयरपर्सन, इंचार्ज और क्लर्क को बदल दिया गया, जो गड़बड़ी की पुष्टि करता है। जींद के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ने छात्रा की शिकायत पर जांच की, जिसमें सबूत मिले। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर सदर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी (धारा संबंधित) का मामला दर्ज किया। जांच अधिकारी सहायक उप निरीक्षक भगवत को लगाया गया है। पुलिस जांच जारी है।
सदर थाना प्रभारी उप निरीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि इस मामले में छात्रा की शिकायत ग्रीवेंस कमेटी में भी उठाई गई थी, के बाद अतिरिक्त उपायुक्त के नेतृत्व में जांच की गई और जांच में साबित हुआ कि छात्रों के नंबरों के साथ छेड़छाड़ की गई है। एडीसी द्वारा की गई जांच के आधार पर मामला दर्ज किया गया है जांच कर रही है। गिरफ्तारी योग्य सबूत पाए जाने पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
यह मामला यूनिवर्सिटी के लिए शर्मनाक है, क्योंकि पहले भी यहां भर्तियों में पक्षपात और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के आरोप लग चुके हैं। छात्रों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी संबंधित याचिका दायर की थी। अब देखना यह है कि जांच में क्या खुलासा होता है और आरोपी प्रोफेसरों पर क्या कार्रवाई होती है।
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