Edited By Harman, Updated: 18 Sep, 2026 09:27 AM

अंबाला से शाहाबाद जा रहे एक दिव्यांग यात्री और हरियाणा रोडवेज के कंडक्टर के बीच स्टॉपेज को लेकर विवाद हो गया। यात्री का आरोप है कि कंडक्टर ने उसे शाहाबाद में उतारने से मना कर दिया और अंबाला से करीब एक किलोमीटर आगे ले जाकर बस से उतार दिया।
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : अंबाला से शाहाबाद जा रहे एक दिव्यांग यात्री और हरियाणा रोडवेज के कंडक्टर के बीच स्टॉपेज को लेकर विवाद हो गया। यात्री का आरोप है कि कंडक्टर ने उसे शाहाबाद में उतारने से मना कर दिया और अंबाला से करीब एक किलोमीटर आगे ले जाकर बस से उतार दिया। यात्री के अनुसार, उसने कंडक्टर से शाहाबाद में बस न रुकने की बात लिखकर देने को भी कहा, लेकिन उसने मना कर दिया।
यात्री ने बताया कि वह एक हाथ से दिव्यांग है और शाहाबाद जाने के लिए अंबाला से झज्जर डिपो की बस में सवार हुआ था। बस में बैठने के बाद उसे पता चला कि बस दिल्ली जा रही है। करीब एक किलोमीटर आगे जाने के बाद उसने कंडक्टर को शाहाबाद जाने की बात बताई। इस पर कंडक्टर ने कहा कि बस का शाहाबाद में स्टॉपेज नहीं है।
मशीन में स्टॉप नहीं, टिकट नहीं बन सकती
यात्री बलबीर सिंह के अनुसार, उसने कंडक्टर से शाहाबाद में उतारने की काफी रिक्वेस्ट की। उसने कहा कि शाहाबाद शहर है और उसे वहां जाना है। इस पर कंडक्टर ने बताया कि टिकट मशीन में शाहाबाद का स्टॉप दर्ज नहीं है, इसलिए वहां का टिकट नहीं बनाया जा सकता। कंडक्टर ने उसे करनाल बस स्टैंड पर उतरकर वहां से वापस शाहाबाद जाने की बात कही। बलबीर ने बताया कि उसने कंडक्टर से बस नहीं रुकने की बात लिखकर देने को कहा, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई। विवाद के दौरान उसने मामले की शिकायत परिवहन मंत्री अनिल विज से करने की बात भी कही।
बस से उतारने के बाद दूसरी बस का करना पड़ा इंतजार
यात्री के मुताबिक, उसे शाहाबाद से करीब 12 किलोमीटर पहले ही बस से उतार दिया गया। इसके बाद वह दूसरी बस के इंतजार में काफी देर तक सड़क किनारे खड़ा रहा। उसके अनुसार, इस दौरान कई बसें वहां से गुजर गईं, लेकिन कोई बस नहीं रुकी। मजबूरी में उसे पैदल वापस आना पड़ा और बाद में दूसरी बस से शाहाबाद पहुंचा।
वायरल बातचीत के बाद कंडक्टर ने दी सफाई
मामला सामने आने के बाद झज्जर डिपो में तैनात कंडक्टर विजय कुमार ने अपनी सफाई दी। उसने बताया कि वह रात के समय बैजनाथ से बस लेकर आ रहा था। अंबाला से एक यात्री बस में सवार हुआ था, लेकिन बस का शाहाबाद में स्टॉपेज निर्धारित नहीं था। कंडक्टर ने कहा कि टिकट मशीन में भी शाहाबाद का स्टॉप दर्ज नहीं था, जिसके कारण वह वहां का टिकट नहीं बना सकता था। उसके अनुसार, दिल्ली रूट की बसों में स्टॉपेज को लेकर अक्सर यात्रियों से विवाद की स्थिति बनती है। उसने विभाग से मशीन में शाहाबाद का स्टॉपेज दर्ज करने की समस्या का समाधान करने की मांग की।
‘पता नहीं था कि यात्री दिव्यांग है’
विजय कुमार ने कहा कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि यात्री दिव्यांग है। उसने कहा कि यदि उसकी गलती है तो वह इसे स्वीकार करने के लिए तैयार है, लेकिन बस का शाहाबाद में निर्धारित स्टॉपेज नहीं था। कंडक्टर के अनुसार, यदि मशीन में शाहाबाद का स्टॉपेज उपलब्ध करा दिया जाए तो वह यात्रियों को वहां उतार सकता है।