Edited By Isha, Updated: 22 Aug, 2026 09:04 AM

हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन. सी. आर.) में पुराने वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन. सी. आर.) में पुराने वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य के एन.सी.आर. जिलों में बी. एम.-1, बी.एस.-2, बी. एस-3 और बी.एस. 4 श्रेणी के ट्रकों और बस मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में वाहनों को हटाने या बदलने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
यह निर्णय शुक्रवार को यहां मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में परिवहन विभाग की 'परिवर्तन योजना' के तहत एन.सी. आर में पुराने वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रगति की समीक्षा की गई।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वाहन मालिकों को निर्धारित प्रक्रिया अनुसार पुराने वाहनों का निपटान करना या उन्हें बदलना होगा। बी. एस. 1. बी. एस.-2, बी. एस.-3 और इससे पुराने चाहनों को पंजीकृत चाहन रक्रैपिंग सुविधा केंद्रों पर स्क्रैप करवाना होगा। पात्र श्री. एस. -4 वाहनों को स्क्रैप करवाया जा सकता है अथवा एन.सी. आर. से बाहर गैर एन.सी.ए.पी. शहर या क्षेत्र में बेचा जा सकता है। इनके स्थान पर अधिक कड़े उत्सर्जन मानकों वाले अथवा इलैक्ट्रिक वाहन खरीदे जा सकेंगे।
निर्देशों का पालन न न करने वाले वाहन मालिकों के विरुद्ध प्रकर्तन कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत संबंधित वाहनों को जब्त किया जा सकता है और उन्हें अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों पर भेजा जा सकता है।
राज्य में 96,441 लक्षित वाहन
परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अतुल कुमार ने बताया कि परिवहन परिवर्तन पोर्टल के अनुसार राज्य में कुल 96,441 लक्षित वाहन है जिनमें 81,079 ट्रक और 15,362 बसे शामिल है। सबसे अधिक लक्षित वाहन गुरुग्राम में 24,032 है जबकि फरीदाबाद में 18, 141 वाहन चिन्हित किए गए है। जीद, रेवाड़ी, सोनीपत, झज्जर, करनाल, पानीपत और रोहतक में भी बड़ी सख्या में पुराने वाणिज्यिक वाहन चिन्हित किए गए हैं।
नई वी. एस.-4 पाइलैक्ट्रिक गाड़ी खरीदने वाले पात्र वाहन मालिको को 10 वर्ष के लिए मोटर वाहन कर में 100 फीसदी छूट दी जाएगी। पुराने वहन के स्थान पर पात्र पुराना वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। योजना के तहत पंजीकरण शुल्क भी पूरी तरह माफ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत व्याज सहायता, एक वर्ष से अधिक समय से लंबित देनदारियों की माष्ठी तथा भाग लेने वाले वाहन निर्माताओं की ओर से 8 प्रतिशत तक की छूट का प्राक्धान है। राज्य में 26 अधिकृत वहन स्कैपिंग केंद्र स्थापित किए गए है। अब तक इस पोर्टल पर 314 वाहनों के पंजीकरण की सूचना प्राप्त हुई है।