पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने विपक्ष के रवैये को बताया महिला विरोधी, बोलीं- 2029 में मातृ शक्ति सिखाएगी विपक्ष को सबक

Edited By Isha, Updated: 21 Apr, 2026 03:51 PM

former mp sunita duggal termed the opposition s stance as anti women

नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव को लेकर 16 अप्रैल को स्पैशल सैशन बुलाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस सैशन में भाग लिया। महिलाओं व युवा बेटियों में गजब का उत्साह था कि वो अब राजनीति

सिरसा(सतनाम): नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव को लेकर 16 अप्रैल को स्पैशल सैशन बुलाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस सैशन में भाग लिया। महिलाओं व युवा बेटियों में गजब का उत्साह था कि वो अब राजनीति में भी आगे बढ़ते हुए अपना हक प्राप्त करेंगी, लेकिन विपक्ष के नकारात्मक रवैये व औच्छी मानसिकता ने इस विधेयक को पारित होने में रोड़ा अटकाया और बिल को गिराने का काम किया। विपक्ष के इस कृत्य की जितनी भर्त्सना की जाए कम है। पूर्व लोकसभा सांसद सुनीता दुग्गल आज सिरसा के रेस्ट हाऊस में मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रही थी।

 सुनीता दुग्गल ने कहा कि 2023 में ये बिल सर्वसम्मति से पास हुआ था, उस समय भी इसमें कुछ शर्तें रखी गई थी। नई संसद में सबसे पहले यही बिल पास हुआ था। इस बिल पर सर्वप्रथम मैंने स्वयं ही बोला था। सरकार की मंशा थी कि 2024 में बिल लागू नहीं हुआ तो 2029 तक इसे लागू कर दिया जाए, ताकि महिलाओं की भागीदारी भी राजनीति में बढ़े, जोकि महिलाओं का अधिकार भी है। सरकार ने महिलाओं को सशक्त तो बनाया, लेकिन अब सरकार की मंशा थी कि महिलाओं को अब राजनीति में भी 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें बड़े मंच पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की तस्वीर महिलाओं की भागीदारी से ही स्पष्ट झलक रही थी, लेकिन विपक्ष को सरकार का ये ऐतिहासिक कदम रास नहीं आया। पत्रकारों द्वारा विपक्ष संबंधी पूछे गए सवाल पर सुनीता दुग्गल ने कहा कि विपक्ष का रवैया शुरू से ही नकारात्मक रहा है।

विपक्ष चाहता तो कभी का इसे पारित किया जा सकता था, लेकिन विपक्ष महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं देना चाहता। उनकी मंशा महिलाओं को वोटिंग लाइन में ही खड़ा करने की है। इस बिल को लेकर महिलाओं व बेटियों को आशाएं बहुत थी, कि अब वे राजनीति में अपना हक बखूबी प्राप्त कर सकेंगी, लेकिन उन्हें इस बिल के पारित न होने से गहरा धक्का लगा है। विपक्ष के प्रति मातृ शक्ति में गहरा रोष है और इस रोष का वे आगामी 2029 चुनावों में हिसाब बराबर करने को आतुर हैं। विपक्ष की इस घटिया सोच के कारण प्रधानमंत्री ने भी महिला शक्ति से माफी मांगी है और महिलाओं को आश्वस्त किया है कि आपके अधिकार के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!