जींद से सोनीपत सिर्फ 1 घंटे में, किराया मात्र 25 रूपए...देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का फाइनल ट्रायल कल

Edited By Isha, Updated: 23 Jun, 2026 12:23 PM

final trial of the country first hydrogen train today

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अब 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ने को तैयार है। दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे वर्कशॉप में ट्रेन की टैक्नीकल टैस्टिंग की गई थी। उसके बाद अब इसे वापस जींद रेलवे जंक्शन पर लाकर

जींद: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन अब 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ने को तैयार है। दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे वर्कशॉप में ट्रेन की टैक्नीकल टैस्टिंग की गई थी। उसके बाद अब इसे वापस जींद रेलवे जंक्शन पर लाकर खड़ा कर दिया है। बुधवार यानि 24 जून को इस ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ाकर टैस्ट किया जाएगा। अगर यह ट्रायल भी सफल रहता है तो फिर इस ट्रेन को यात्रियों के लिए ट्रैक पर उतार दिया जाएगा। बताया गया है कि ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा पहले ही निर्धारित की गई थी लेकिन ट्रेन को पहले 75 और उसके बाद 85 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ाकर चैक किया गया जो सफल रहा।

उत्तर रेलवे के पी. आर. ओ. अजय माइकल का कहना है कि 24 जून को हाइड्रोजन ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ाने को लेकर टैस्टिंग की जाएगी। लखनऊ से रेलवे डिजाइन एवं मानक संगठन (आर.डी.एस.ओ.) की विशेषज्ञ टीम 24 जून को ट्रेन की टेस्टिंग के लिए जींद आएगी। यह टीम ट्रेन पर पड़ने वाले लोड, इसकी स्पीड, कैपेसिटी सहित दूसरी टैक्नीकल चीजें नोटिस करेगी। हर एक पहलु को बारीकी से जांचा जाएगा। सभी टैस्टिंग में पास होने के बाद ही इसे

120 करोड़ का प्रोजैक्ट, 89 कि.मी. सफर, 25 रुपए किराया
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का प्रोजक्ट करीब 120 करोड़ रुपए का है। यह जींद से सोनीपत रेलवे ट्रैक पर दौड़ेगी। इस 89 किलोमीटर के सफर का किराया भी मात्र 25 रुपए निर्धारित किया गया है। जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन ट्रेन के 6 स्टॉपेज जींद जंक्शन, पांडू पिंडारा, भंभेवा, गोहाना जंक्शन, मोहाना और सोनीपत जंक्शन होंगे। जींद से सोनीपत तक ट्रेन का एक सफर महज एक घंटे का रह जाएगा।

यह है हाइड्रोजन ट्रेन की विशेषता
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह से ग्रीन हाइड्रोजन पर्यावरण फ्रेंडली होगी। यह धुंआ या दूसरा किसी तरह का प्रदूषण नहीं करेगी। केवल पानी और भाप ही निकलेगी। एक किलोमीटर की यात्रा में मात्र किलोग्राम हाइड्रोजन गैस की जरूरत होगी। हाइड्रोजन ट्रेन में एक बार में अधिकतम 2638 यात्रियों की कैपेसिटी होगी। इसमें साधारण इंजन की बजाय ' हाइड्रोजन फ्यूल सैल' लगाया गया है। बैटरी बैकअप के लिए फ्यूल सैल के साथ-साथ हैवी इयूटी लिथियम-आयन बैटरी लगाई गई हैं और ये एक्सट्रा पावर और बैकअप देती है।

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