कुरुक्षेत्र में फर्जी परीक्षार्थी मामला: 10वीं बोर्ड परीक्षा में दूसरे की जगह पेपर दिलाने वाले गिरोह पर शिकंजा, 2 और आरोपी गिरफ्तार

Edited By Isha, Updated: 01 Sep, 2026 01:01 PM

fake examinee case in kurukshetra

कुरुक्षेत्र में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल निवासी बारना और प्रताप

कुरुक्षेत्र(कपिल शर्मा): कुरुक्षेत्र में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल निवासी बारना और प्रताप उर्फ कबीर उर्फ बजरंगी निवासी थेह बनेड़ा, जिला कैथल के रूप में हुई है। इस मामले में फर्जी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा देने पहुंची सोनिया और उसे परीक्षा केंद्र तक छोड़ने आए विनोद कुमार निवासी सीवन को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

मामला 15 मई 2026 का है। गुरुकुल में CBSE की 10वीं कक्षा की री-अपीयर परीक्षा आयोजित की जा रही थी। मैथ का पेपर देने के लिए एक युवती दूसरी छात्रा के नाम पर परीक्षा केंद्र पहुंची थी। परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी दे रहे लेक्चरार एवं सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र सिंह को युवती की उम्र और कद-काठी देखकर शक हुआ। इसके बाद दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की गई तो मामला सामने आ गया कि युवती किसी दूसरी छात्रा के नाम पर परीक्षा देने आई थी।

5 हजार रुपए में हुआ था सौदा
पुलिस जांच में सामने आया कि दूसरी छात्रा की जगह परीक्षा देने के लिए सोनिया को तैयार किया गया था। इसके लिए 5 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था। इसमें से 3 हजार रुपए परीक्षा देने वाली युवती सोनिया को मिलने थे, जबकि बाकी रकम परीक्षा दिलाने की व्यवस्था में शामिल लोगों के बीच बांटी जानी थी।

परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट में पकड़ी गई
परीक्षा शुरू होने के करीब 15 मिनट के भीतर ही केंद्र स्टाफ को युवती पर शक हो गया था। उसकी उम्र और कद-काठी परीक्षा के दस्तावेजों में दर्ज विवरण से मेल नहीं खा रही थी। दस्तावेजों की जांच के बाद फर्जी परीक्षार्थी होने का खुलासा हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सोनिया को काबू कर लिया।

पुलिस ने सोनिया को परीक्षा केंद्र तक छोड़ने आए विनोद कुमार को भी गिरफ्तार किया था। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

जांच में सामने आए राहुल और प्रताप के नाम
मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को परीक्षा में दूसरे के स्थान पर परीक्षार्थी बैठाने की व्यवस्था से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली। जांच के दौरान राहुल और प्रताप के नाम सामने आए। पुलिस के अनुसार राहुल पहले से सोनिया को जानता था, जबकि प्रताप उसका साथी बताया जा रहा है। राहुल ने विनोद को सोनिया को परीक्षा केंद्र तक छोड़ने की जिम्मेदारी दी थी।

करीब साढ़े तीन महीने बाद पुलिस ने अब राहुल और प्रताप को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है कि फर्जी परीक्षार्थी को परीक्षा में बैठाने की व्यवस्था में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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