कंपनी निदेशक बन दो लोगों को लगाई 92 लाख की चपत

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 02 Aug, 2022 08:07 PM

fake company director cheated 92 lakh in gurgaon

कंपनी का निदेशक बनकर लैट बेचने के नाम पर दो लोगों को 92 लाख रुपए का चूना लगाने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने रुपए लेने के बाद लैट की रजिस्ट्री नहीं कराई। जब पीडि़त ने रुपए वापस मांगे तो आरोपियों ने निदेशक के गुमशुदा होने की बात कही।

गुड़गांव, (ब्यूरो): कंपनी का निदेशक बनकर लैट बेचने के नाम पर दो लोगों को 92 लाख रुपए का चूना लगाने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने रुपए लेने के बाद लैट की रजिस्ट्री नहीं कराई। जब पीडि़त ने रुपए वापस मांगे तो आरोपियों ने निदेशक के गुमशुदा होने की बात कही। इसके बाद अब आरोपी फरार हैं। सेक्टर-14 थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।

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पुलिस के मुताबिक, संजय ग्राम निवासी श्रीजीत नायर अपने लिए एक लैट देख रहे थे। उन्होंने मियांवाली कॉलोनी में एक लैट देखा और यहां सिक्योरिटी गार्ड से लैट के बारे में पूछा। सिक्योरिटी गार्ड ने उसे अमन मिश्रा का नंबर दिया जिसने श्रीजीत की मुलाकात अपनी रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक मनीष कुमार पांडे से बात कर लैट का बतौर बयाना 15 लाख रुपए दे दिए। रुपए देने के बाद उसे लैट पर जल्द ही लोन कराने की बात कही गई। आरोप है कि जब उसने लोन के स्टेटस के बारे में पूछा तो लगातार उसे बहाना बनाकर टालने का प्रयास किया जाने लगा। कुछ दिन बाद अमन मिश्रा ने कहा कि उसने कंपनी छोड़ दी है। अमन ने मनीष कुमार पांडे की पत्नी आकृति कोहली का मोबाइल नंबर देते हुए उससे बात करने के लिए कहा। जब श्रीजीत ने आकृति से बात की तो आकृति ने मनीष कुमार पांडे के गुमशुदा होने व उसकी एफआईआर सेक्टर-50 थाने में दर्ज होने की बात कही। जब श्रीजीत ने रुपए वापस मांगे तो वह बहानेबाजी करने लगी। इस पर उसने पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज कराया है।

 

वहीं, दूसरे मामले में प्रेम नगर निवासी श्रीजीत ने बताया कि उसने दिसंबर 2020 में एक लैट खरीदने के लिए 77 लाख रुपए में मनीष कुमार पांडे व उसके पार्टनर आनंद यादव से सौदा किया था। यह लैट उन्होंने मियांवाली कॉलोनी में देना था। रुपए लेने के बाद उन्होंने लैट पर कब्जा तो दे दिया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई। बाद में उन्हें आजाद सिंह व सुभाष सिंह ने बताया कि यह प्रॉपर्टी उनकी है और मनीष पांडे को इसका निर्माण करने के लिए ठेका दिया था। यह ठेका समाप्त हो गया है। इस पर उन्हें अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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