दिल्ली का शिक्षा और मेडिकल मॉडल केवल एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा: कंवरपाल गुर्जर

Edited By Isha, Updated: 29 Jul, 2022 09:49 PM

education and health of kejriwal is just a propaganda kanwarpal gujjar

शिक्षा मंत्री ने कहा कि केजरीवाल सरकार के बड़े-बड़े दावे पूरी तरह से खोखले हैं। क्योंकि आज तक किसी भी सर्वे में दिल्ली टॉप पांच में जगह नहीं बना पाया है। इसलिए दिल्ली सरकार को कोई मॉडल नहीं है।

चंडीगढ़(चंद्रशेखर धरणी): हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने दिल्ली सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल एक स्कूल की फोटो डालने से यह साबित नहीं होता कि उनके सभी स्कूल बेहतर हैं। केजरीवाल सरकार के बड़े-बड़े दावे पूरी तरह से खोखले हैं। क्योंकि आज तक किसी भी सर्वे में दिल्ली टॉप पांच में जगह नहीं बना पाया है। इसलिए दिल्ली सरकार को कोई मॉडल नहीं है। इस प्रकार की चर्चाएं फैलाना केवल राजनीतिक प्रोपेगेंडा है। यह चर्चाएं बिल्कुल झूठ है।  गुर्जर ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ मेडिकल की बेहतर सुविधाएं देने का दावा करने वाली दिल्ली सरकार इस क्षेत्र में भी पूरी तरह से फेल साबित हुई है। कोरोना काल में दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुल गई थी। उस दौरान हमारे हरियाणा का कोई भी सरकारी अस्पताल ऐसा नहीं बचा था, जहां दिल्ली के मरीज एडमिट नहीं थे।

 

हरियाणा के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए पायलट प्रोजेक्ट की हुई शुरुआत

 

शिक्षा मंत्री के अनुसार मौजूदा समय में प्रदेश में लगभग साढ़े 14 हजार स्कूल है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि सभी की व्यवस्थाएं और हालात बेहतर हैं। लेकिन प्रदेश सरकार समय-समय पर अच्छे सकारात्मक कदम उठाती रहती है। कमियों को दूर करने के लिए हमने करनाल और जगाधरी दो ब्लॉक चुने हैं। जिसके लिए अध्यापकों और एसएमसी को पूरे अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रदेश सरकार का पायलट प्रोजेक्ट है। अगर यह कामयाब रहा तो प्रदेश स्तर पर इसी तरह से काम किया जाएगा।

 

उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री से की मुलाकात

 

हरियाणा का एजुकेशन मॉडल भी इस समय चर्चा में है। शुक्रवार को ही उज़्बेकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचा। यह प्रतिनिधिमंडल हरियाणा सरकार द्वारा 10वीं, 11वीं और 12वीं के बच्चों को टैब देने की पॉलिसी से प्रभावित होकर उनसे मिलने आया था। डेलिगेशन ने प्रदेश के शिक्षा अधिकारियों, अध्यापकों और शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर इस स्कीम की बारीकी से जानकारी ली। शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार ने टैब के साथ रोजाना दो जीबी डाटा भी देने का फैसला किया है। बच्चों को उपयोग के अनुसार लगभग सभी ऐप डाउनलोड किए हुए मिलेंगे। इस बात से डेलिगेशन काफी प्रभावित नजर आया और उन्होंने उज्बेकिस्तान के शिक्षा स्तर को उठाने के लिए हरियाणा सरकार के सहयोग की अपील की है। शिक्षा मंत्री के अनुसार कोरोना के दौरान जब दुनिया थम गई थी, विश्व की व्यवस्था ठप हो गई थी, तब हिंदुस्तान ने बेहतर स्तर पर काम किया। इससे विश्व प्रभावित है और शिक्षा क्षेत्र में हिंदुस्तान खासतौर पर हरियाणा ने कई आयाम छुए हैं। इसलिए आज लगातार सरकारी स्कूलों की तरफ संपन्न लोग भी आकर्षित हुए हैं और अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की बजाए सरकारी स्कूलों में एडमिशन दिलवाने पहुंच रहे हैं।

 

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