हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीकी खामियां जानने  दिल्ली से आएगी टीम, इस वजह से हो रही दिक्कत

Edited By Isha, Updated: 16 Jan, 2026 12:21 PM

team from delhi will arrive identify the technical flaws in the hydrogen train

हाइड्रोजन गैस भरने से पहले आ रही तकनीकी खामियों को जानने के लिए शुक्रवार को दिल्ली से टीम जींद आएगी। टीम में सीपीएम और हाइड्रोजन प्लांट मैनेजर सहित अन्य कर्मचारी होंगे।

जींद: हाइड्रोजन गैस भरने से पहले आ रही तकनीकी खामियों को जानने के लिए शुक्रवार को दिल्ली से टीम जींद आएगी। टीम में सीपीएम और हाइड्रोजन प्लांट मैनेजर सहित अन्य कर्मचारी होंगे।

ठंड बढ़ने के कारण हाइड्रोजन गैस जम गई है। इस कारण ट्रेन की इंजन डीपीसी में भरी हाइड्रोजन को धीरे-धीरे खाली किया जा रहा है। जैसे-जैसे दिन में तापमान अधिक रहता है तो कर्मचारी ट्रेन से गैस को निकाल रहे हैं। इसके अलावा हाइड्रोजन गैस के छह सैंपल जो अलग-अगल लैब में भेजे गए हैं उनकी रिपोर्ट भी नहीं आई है। जींद-सोनीपत रूट पर हाइड्रोजन ट्रेन को चलाने से पहले हाइड्रोजन प्लांट की टेस्टिंग बेहद जरूरी है।

प्लांट में हाइड्रोजन गैस के उत्पादन, भंडारण और सप्लाई की प्रक्रिया की जांच की जानी है। जब तक सभी सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता, तब तक ट्रायल को हरी झंडी नहीं दी जाएगी। जींद से सोनीपत तक सात स्टेशन बनाए गए हैं। इस रूट की कुल लंबाई 89 किलोमीटर है जिसे हाइड्रोजन ट्रेन लगभग एक घंटे में पूरा करेगी। 

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