Edited By Manisha rana, Updated: 25 Jun, 2021 08:14 AM

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जे.पी. दलाल ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसलों का विविधीकरण किया जाना बहुत जरूरी ...
चंडीगढ़ : हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जे.पी. दलाल ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसलों का विविधीकरण किया जाना बहुत जरूरी है। इसके लिए सरकार ने ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना चलाई हुई है। दलाल ने कहा कि पिछले वर्ष धान की जगह लगभग 1 लाख एकड़ भूमि में कम पानी की खपत और कम लागत वाली अन्य फसलें बोई गई थी, जिसको इस वर्ष 2 लाख एकड़ भूमि करने का लक्ष्य है।
जिसके लिए अधिक से अधिक किसान ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ पोर्टल पर 25 जून, 2021 तक अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण के द्वारा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में हमने प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को वर्ष 2030 तक दोगुणा करने का लक्ष्य रखा है। यही नहीं, बागवानी में उत्पादन को तीन गुणा किया जाएगा।
21 बागवानी फसलों के संरक्षित मूल्य निर्धारित किए
दलाल ने कहा कि बाजार में फलों व सब्जियों के भाव लागत से भी कम रहने पर किसान को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए हमने ‘भावांतर भरपाई योजना’ चलाई है। इसमें 21 बागवानी फसलों के संरक्षित मूल्य निर्धारित किए है। यही नहीं, इन फसलों में प्राकृतिक आपदा से नुकसान की भरपाई के लिए ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना’ भी चलाई हुई है। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी पैदावार की ग्रेङ्क्षडग, पैकिंग व स्टोरेज तथा कृषि बाजार व उपभोक्ताओं से जोडऩे के लिए 486 किसान उत्पादक समूह बनाए गए हैं, जिन के साथ 76,855 किसानों को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 1000 किसान उत्पादक समूह बनाने का है। जिससे किसान सीधा कृषि बाजार व उपभोक्ताओं से जुडऩे में सक्षम होंगे व इससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
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