Edited By Harman, Updated: 24 Oct, 2026 09:02 AM

हरियाणा सरकार भूजल संरक्षण और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए 'मेरा पानी मेरी विरासत' योजना तहत किसानों को धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलें उगाने पर 8000 रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दे रही है।
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार भूजल संरक्षण और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए 'मेरा पानी मेरी विरासत' योजना तहत किसानों को धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलें उगाने पर 8000 रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसके अलावा दलहन, तिलहन और कपास की खेती करने वाले किसानों को 2000 रुपए प्रति एकड़ का अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि भू-जल का गिरता स्तर रोकने, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बनाए रखने और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए फसल विविधीकरण जरूरी है। धान और गन्ने जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलों के बजाय कमपानी वाली फसलें अपनाने से कृषि को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि योजना तहत पिछले 4 वर्षों से धान की खेती कर रहे किसान यदि अब इसके स्थान पर मक्का, दुलहन, तिलहन, कपास, सब्जियां, बागवानी, चारा फसलें और कृषि वानिकी अपनाते हैं तो वे 8000 रुपए प्रति एकड़ की सहायता के पात्र होंगे। भूमि को बिना बोए छोड़ने पर भी यह लाभ मिलेगा। पिछले वर्ष योजना के पात्र रहे किसान भी इस साल लाभ ले सकेंगे। उन्होंने किसानों से भूजल बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से फसल विविधीकरण अपनाने की अपील की।