कुरुक्षेत्र में धान खरीद में बड़ा फर्जीवाड़ा: जोहड़ और मकान की छत पर उगाई फसल, भाकियू ने खोला 32 लाख के घोटाले का राज

Edited By Isha, Updated: 28 Oct, 2026 11:20 AM

major fraud in paddy procurement in kurukshetra crop grown on pond and rooftop

जिले में धान खरीद के दौरान फर्जी पोर्टल पंजीकरण का मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) पिहोवा ने पिहोवा, इस्माइलाबाद और कराह साहिब में किसानों की जमीन के नाम पर गलत तरीके से मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण और वेरिफिकेशन कराकर धान...

कुरुक्षेत्र(रणदीप): जिले में धान खरीद के दौरान फर्जी पोर्टल पंजीकरण का मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) पिहोवा ने पिहोवा, इस्माइलाबाद और कराह साहिब में किसानों की जमीन के नाम पर गलत तरीके से मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण और वेरिफिकेशन कराकर धान बेच दिया गया।

भाकियू ने तीनों जगहों पर 32 लाख रुपए से ज्यादा के धान घोटाले का आरोप लगाया है। दावा कि किया कि पिहोवा में महिला किसान सुनीता ने जोहड़ (तालाब) और मिल व मकान की छत पर धान की फसल दिखाकर पोर्टल पर वेरिफिकेशन कराई और मंडी में फसल बिक गई। जबकि जिन किसानों की जमीन के नाम पर पोर्टल चढ़ाया गया, उनकी असली फसल खेतों में खड़ी है।

भाकियू पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने आरोप लगाया कि आढ़ती और राइस मिलर मिलकर किसानों के साथ पाप कर रहे हैं। फर्जी किसानों के नाम कागजों में धान की बिक्री दिखाई जा रही है। पोर्टल पर दर्ज जमीन, फसल की वेरिफिकेशन, मंडी के गेटपास, जे-फार्म और धान भेजने वाले राइस मिलों की जांच की जाए।

जोहड़ और राइस मिल में कैसे उगा धान
आरोप लगाया कि पिहोवा में धान खरीद के लिए पोर्टल पर ऐसे स्थानों का इस्तेमाल किया गया, जहां वास्तविक रूप से धान की फसल खड़ी होने का दावा संदेह पैदा करता है। इनमें राइस मिल, मकान की छत, जोहड़ और दूसरी जगहें शामिल हैं। कुछ जगहों पर दूसरे किसानों की जमीन के रिकॉर्ड का इस्तेमाल करके पंजीकरण कराया गया।

असली किसानों की फसल खेतों में खड़ी
जिन किसानों की जमीन के नाम पर पोर्टल पर फसल दर्ज की गई, उनमें से कुछ की धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। वे अपनी उपज मंडी में होने के बावजूद उसे बेचने में परेशानी झेल रहे हैं। पोर्टल पर पहले ही फसल की बिक्री दर्ज होने से असली किसानों के सामने दिक्कत खड़ी हो रही है।

इस्माइलाबाद में 30 लाख की बिक्री- प्रिंस
आरोप लगाया कि इस्माइलाबाद मंडी में गुमथला और सारसा गांव के किसानों की जमीन का गलत पंजीकरण कर करीब 30 लाख रुपए का धान बेच दिया। प्रगट सिंह मांगना, मनीष और जसनदीप सिंह ने मार्केट कमेटी के सचिव को शिकायत देकर सुच्चा, रीना देवी और अंश पर उनकी जमीन का गलत तरीके से पोर्टल पर पंजीकरण कराने की शिकायत दी।

शिकायत के मुताबिक, दो फर्मों के नाम पर मंडी में गेटपास भी कटवाए गए। उनकी फसल खेतों में खड़ी है, लेकिन रिकॉर्ड में धान की बिक्री हो चुकी है। गेटपास की जांच में कई एंट्री के बीच करीब एक-एक मिनट का अंतर होने का दावा किया है। उन्होंने इसे जांच का विषय बताते हुए संबंधित रिकॉर्ड की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

आढ़ती को नोटिस देकर मांगा जवाब
इस्माइलाबाद मार्केट कमेटी के सचिव अंकुर कुमार ने बताया कि किसानों से शिकायत मिली है। दोनों फर्मों पर जाकर गेटपास के हिसाब से मिलान किया गया, तो धान पूरा पाया गया। फिलहाल धान की खरीद पर रोक लगा दी गई है। संबंधित आढ़ती को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा गया है।

कराह साहिब में भी फर्जी पोर्टल
पिहोवा के कराह साहिब खरीद केंद्र पर भी किसानों के नाम पर फर्जी पंजीकरण कर धान खरीदने और उसे राइस मिल में भेजने का आरोप है। भाकियू ने आरोप लगाया कि गांव शाहपुर के किसानों के नाम पर पोर्टल पंजीकरण कराया गया, जबकि उनकी फसल खेतों में खड़ी थी। इसके बाद दूसरे स्थानों से धान लाकर मंडी में बिक्री दिखाई गई और उसे संबंधित आढ़ती के बेटे के राइस मिल में भेजा गया।

जांच के बाद होगी कार्रवाई- चंद्र

पिहोवा मार्केट कमेटी के सचिव चंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मौके पर जांच की गई है। सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। आरोप सिद्ध होने पर व्यापारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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