Edited By Harman, Updated: 18 Apr, 2026 12:13 PM

: केंद्र व प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं की सूचना पर शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग टीम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर फतेहाबाद के एक निजी अस्पताल में रेड की। इस दौरान जांच में रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ियां सामने आईं,...
फतेहाबाद (रमेश कुमार) : केंद्र व प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं की सूचना पर शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग टीम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर फतेहाबाद के एक निजी अस्पताल में रेड की। इस दौरान जांच में रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ियां सामने आईं, वहीं मरीजों से अवैध रूप से इलाज के नाम पर पैसे लेने के आरोप भी सामने आए हैं।
सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर सुशील, डॉक्टर जतिन, एसआई कृष्ण कुमार और एएसआई सुरेंद्र भी टीम में शामिल रहे। टीम ने सद्भावना हॉस्पिटल में पहुंचकर आयुष्मान भारत योजना से जुड़े दस्तावेजों और उपचार प्रक्रिया का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल प्रशासन द्वारा कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। टीम को पता चला कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज किए गए मरीजों का कोई समुचित मैन्युअल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा अन्य जरूरी दस्तावेज भी अधूरे पाए गए।
सरकार से लगभग 1 करोड़ 57 लाख रुपये का किया गया क्लेम
अस्पताल द्वारा 1 जनवरी 2026 से 17 अप्रैल 2026 तक करीब 1017 मरीजों का आयुष्मान योजना के तहत इलाज दिखाया गया है और सरकार से लगभग 1 करोड़ 57 लाख रुपये का क्लेम किया गया है। रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने के बाद टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
"मरीजों से पैसे वसूलने के आरोप भी आए सामने"
जांच के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने भी अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। फतेहाबाद के स्वामी नगर निवासी बबलू ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को 15 से 18 जनवरी तक सांस की बीमारी के चलते आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल में भर्ती करवाया था, बाद में उसी रात उनके पिता की मृत्यु हो गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल ने आयुष्मान योजना लागू होने के बावजूद उनसे 21,480 रुपये लिए गए, जबकि दवाइयों के नाम पर 1,150 रुपये अलग से लिए गए। वहीं, उनके पिता के आयुष्मान कार्ड से 35,650 रुपये का क्लेम भी किया गया। उन्होंने अस्पताल स्टाफ पर दुर्व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। इसी प्रकार अमनदीप नामक व्यक्ति ने भी टीम को बताया कि 17 अप्रैल को उनके पिता को सीने में दर्द होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन आयुष्मान योजना के तहत इलाज होने के बावजूद उनसे 10,650 रुपये लिए गए।
नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई: सीएम फ्लाइंग
सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार द्वारा पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के निर्देशानुसार आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध किसी भी अस्पताल द्वारा मरीज से इलाज के दौरान किसी प्रकार की नकद राशि लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अस्पताल आयुष्मान योजना के नाम पर मरीजों से पैसे लेता है या रिकॉर्ड में गड़बड़ी करता है, तो उसके खिलाफ सरकार के निर्देशानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल संचालकों से भी अपील की कि वे सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करते हुए पारदर्शिता के साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करें तथा सरकार के निर्देशों का पालन करें।