42 करोड़ रूपये का बड़ा चावल घोटाला आया सामने, इस जिले में 4 मिलों पर छापेमारी

Edited By Yakeen Kumar, Updated: 14 Nov, 2025 06:08 PM

a huge rice scam worth rs 42 crore has come to light

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के डायरेक्टर की टीम ने चार चावल मिलों पर छापेमारी कर बड़ी गड़बड़ी का पर्दाफाश किया है।

यमुनानगर (परेवज खान) : यमुनानगर में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के डायरेक्टर की टीम ने प्रतापनगर क्षेत्र स्थित चार चावल मिलों पर छापेमारी कर बड़ी गड़बड़ी का पर्दाफाश किया है। टीम करीब 4 से 5 घंटे तक मिलों में मौजूद रही और किए गए भौतिक सत्यापन में लगभग 42 करोड़ रुपये मूल्य के सरकारी धान की हेराफेरी सामने आई। इस मामले में खाद्य एवं आपूर्ति इंस्पेक्टर विनोद कुमार की शिकायत पर चारों मिलों के संचालकों के खिलाफ थाना प्रतापनगर में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है।

शिकायत के अनुसार अंजनी नंदन एग्रो फूड्स, बद्री विशाल एग्रो फूड्स, मोरवी नंदन एग्री फूड्स और श्री जी एग्री फूड्स को सरकारी धान की सप्लाई की गई थी, लेकिन फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान धान की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाई गई।

जांच में सामने आया कि अंजनी नंदन एग्रो फूड्स के पास हैफेड गोदाम में 5992 और बिलासपुर में 3855.52 मीट्रिक टन धान था। बद्री विशाल एग्रो फूड्स में खाद्य विभाग के रिकॉर्ड अनुसार 6108 मीट्रिक टन, जबकि प्रतापनगर, सरस्वती नगर और रंजीतपुर में 6954 बैग चावल मिला। 

इसी तरह श्री जी एग्री फूड्स के पास 5994.56 मीट्रिक टन धान व रंजीतपुर में चावल के 130 बैग पाए गए। विभाग अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रहा है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!