Edited By Isha, Updated: 29 Oct, 2026 01:17 PM

बालाजी के दरबार में माथा टेककर परिवार के साथ घर लौटने की उम्मीद... लेकिन किसे पता था कि यह सफर एक ऐसी दर्दनाक त्रासदी में बदल जाएगा, जो पूरे परिवार की खुशियां छीन लेगी। जिस कार में बैठकर परिवार धार्मिक यात्रा से लौट रहा था, उसी कार का सफर तीन
सोहना(सतीश): बालाजी के दरबार में माथा टेककर परिवार के साथ घर लौटने की उम्मीद... लेकिन किसे पता था कि यह सफर एक ऐसी दर्दनाक त्रासदी में बदल जाएगा, जो पूरे परिवार की खुशियां छीन लेगी। जिस कार में बैठकर परिवार धार्मिक यात्रा से लौट रहा था, उसी कार का सफर तीन जिंदगियों का आखिरी सफर बन गया। बतादें कि दिल्ली-बड़ौदा एक्सप्रेसवे पर अलीपुर के पास घटित हुई इस भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी और उनकी महज 9 साल की बेटी की मौत हो गई। परिवार के दो मासूम बच्चे हादसे में घायल हो गए। एक साल की बेटी और 11 साल का बेटा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। घायल बेटे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे गुरुग्राम से दिल्ली रेफर किया गया है।
बता दें कि यह दर्दनाक सड़क हादसा सुबह करीब तीन बजे उस समय घटित हुआ। जिस समय परिवार स्विफ्ट कार में सवार होकर बालाजी के दर्शन करने के अपने घर दिल्ली के लिए लौट रहा था। इसी दौरान एक्सप्रेसवे पर खराब हालत में खड़ी एक बस में कार की पीछे से टक्कर जा टकराई टक्कर इतनी भीषण थी कि जहाँ एक तरफ कार के परखच्चे उड़ गए वही कर सवार परिवार के पांच सदस्यों की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं।
इस हादसे में जान गंवाने वाले पति-पत्नी और उनकी बेटी के शव सोहना के नागरिक अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए रखवाए गए हैं। जिन माता-पिता की दुनिया उनके बच्चों के इर्द-गिर्द घूमती थी, वे अब इस दुनिया में नहीं रहे। नौ साल की मासूम बच्ची भी अपने माता-पिता के साथ जिंदगी की जंग हार गई। वहीं, परिवार के दो छोटे बच्चे अस्पताल में उपचाराधीन हैं।इस परिवार की कहानी भी संघर्ष और मेहनत से जुड़ी है। मूल रूप से बिहार का रहने वाला यह परिवार दिल्ली के रजोकरी इलाके में किराए के मकान में रहता था।
परिवार का मुखिया पालम एयरपोर्ट पर निजी टैक्सी चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। रोज की मेहनत और भविष्य के सपनों के सहारे जिंदगी आगे बढ़ रही थी, लेकिन एक सड़क हादसे ने परिवार की पूरी दुनिया बदल दी।लेकिन अब परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन बच्चों को माता-पिता का सहारा मिलना चाहिए था, वे इस दर्दनाक हादसे के बाद किसके सहारे जिंदगी बिताएंगे।फिलहाल भोंडसी थाना पुलिस मामले की कार्रवाई में जुटी हुई है..लेकिन देखना इस बात का होगा कि पुलिस जांच के दौरान बस की लापरवाही सामने आती है या फिर इस दर्दनाक हादसे का कोई अन्य कारण सामने आता है।