Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 21 Oct, 2026 05:42 PM

सुशांत लोक फेज-1 के सी ब्लॉक में बिल्डिंग को झुके 48 घंटे बीत गए हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी अब तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि यह बिल्डिंग तोड़ी जाएगी अथवा इसी बिल्डिंग को स्पोट देकर रोका जाएगा।
गुड़गांव,(ब्यूरो): सुशांत लोक फेज-1 के सी ब्लॉक में बिल्डिंग को झुके 48 घंटे बीत गए हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी अब तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि यह बिल्डिंग तोड़ी जाएगी अथवा इसी बिल्डिंग को स्पोट देकर रोका जाएगा। हालांकि पिछले 48 घंटे से दो क्रेनों की मदद से बिल्डिंग को रोकने का प्रयास किया गया है, लेकिन बिल्डिंग के उपरी दो फ्लोर झुकने लगे हैं। वहीं, 48 घंटे बीत जाने के बाद इस बिल्डिंग की दरार चार इंच तक पहुंच गई है। ऐसे में बिल्डिंग के गिरने की आशंका बनी हुई है। वहीं, निर्माणाधीन झुकी हुई बिल्डिंग के साथ लगती बिल्डिंगों में रहने वाले एक दर्जन परिवार बेघर हो गए हैं। प्रशासन ने एहतियाद के तौर पर यह बिल्डिंगें खाली तो करा ली हैं, लेकिन इनमें रहने वाले लोगों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है जिसके कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। लोगों की मानें तो वह कभी अपने रिश्तेदारों के घर जा रहे हैं तो कभी होटल में कमरा लेकर रह रहे हैं।
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वहीं, बिल्डिंग में काम कर रहे इंटीरियर डिजाइनर प्रकाश ने बताया कि उन लोगों की पिछले डेढ़ साल की मेहतन पर पानी फिर गया है। जब बिल्डिंग में दरार आई तो वह बाहर निकले और देखा कि पड़ोस के खाली प्लॉट में जेसीबी की मदद से खुदाई हो रही है। ऐसे में उनकी बिल्डिंग झुक गई और साथ वाले घर के एक फ्लोर पर प्लास्टर गिरने लगा। ऐसे में उन्होंने निर्माणाधीन बिल्डिंग में कार्य कर रहे सभी मजदूरों को बाहर निकाला। इस दौरान यहां 40 मजदूर काम कर रहे थे। आसपास की बिल्डिंगों में रहने वाले लोग भी बाहर निकल आए और पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी। वहीं, इस घटना के बाद से ही प्लॉट मालिक व जेसीबी चालक फरार हो गए।

आपको बता दें कि सोमवार देर शाम को सुशांत लोक फेज-1 के सी ब्लॉक में बिल्डिंग झुकने का मामला सामने आया जिसके बाद पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंची और प्लॉट मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। वहीं, मामले में अब तक प्लॉट मालिक, ठेकेदार ओर जेसीबी चालक फरार हैं। वहीं, सूचना मिलने के बाद डीटीपी अमित मधोलिया व उनकी टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं, बिल्डिंग को गिरने से रोकने के लिए यहां क्रेन लगाई गई हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। फिलहाल इस पूरे प्रकरण में आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।