Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 03 Apr, 2026 08:24 PM

शहर में अव्यवस्थित शहरीकरण व बुनियादी ढांचे पर बढ़ते दबाव के बीच पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय ने 2 अप्रैल-2026 को एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित करते हुए स्टिल्ट + 4 मंजिला निर्माण नीति 2 जुलाई- 2024 के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): शहर में अव्यवस्थित शहरीकरण व बुनियादी ढांचे पर बढ़ते दबाव के बीच पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय ने 2 अप्रैल-2026 को एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित करते हुए स्टिल्ट + 4 मंजिला निर्माण नीति 2 जुलाई- 2024 के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि बिना पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर कैपेसिटी ऑडिट के इस प्रकार की ऊॅची आवासीय निर्माण अनुमति देना शहर के मौजूदा संसाधनों पर असहनीय बोझ डाल सकता है। न्यायालय ने यह भी पाया कि गुरुग्राम के कई क्षेत्रों में सड़कों की वास्तविक चौड़ाई अत्यंत सीमित है व सीवरेज, जल निकासी, ट्रैफिक व अन्य सुविधाएं पहले से ही दबाव में हैं। इस संबंध में समाजसेवी व आरटीआई कार्यकर्ता हरिंदर धिंगरा ने कहा माननीय उच्च न्यायालय का यह निर्णय स्वागत योग्य है।
02 अप्रैल-2026 से फिलहाल स्टिल्ट +4 मंजिला निर्माण की अनुमति पर रोक लगाना एक अत्यंत आवश्यक व जनहित में उठाया गया कदम है। इससे गुरुग्राम के बुनियादी ढांचे पर पड़ रहे अत्यधिक दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी तथा नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह आदेश न केवल अवैध एवं अनियंत्रित निर्माण पर अंकुश लगाएगा, बल्कि सरकार व संबंधित विभागों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य करेगा कि भविष्य में किसी भी नीति को लागू करने से पहले आवश्यक आधारभूत ढांचे की क्षमता का सही आकलन किया जाए। यह निर्णय शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण व सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।