रेवाड़ी में सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों ने जाटोली मंडी का किया रुख

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 09 Apr, 2026 07:53 PM

due to non start of government procurement in rewari

पटौदी के किसानों और आढतियों को रेवाड़ी में सरकार द्वारा गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं करने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

पटौदी, ब्यूरो : पटौदी के किसानों और आढतियों को रेवाड़ी में सरकार द्वारा गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं करने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। रेवाड़ी जिले के किसानों द्वारा जाटोली मंडी में एककाएक अपने गेहूं की भारी सप्लाई शुरू कर दी जिसकी वजह से न केवल जाटोली मंडी अनाज से पट गई बल्कि वहीं दूसरी ओर भारी गेहूं की आवक को देखते हुए स्थानीय कर्मचारियों और आढ़तियों के हाथ पैर फूल गए। इसका खामियांजा पटौदी के किसानों को उस समय भुगतना पड़ा जब मंडी के दरवाजे बंद कर दिए गए। आढ़तियों का कहना है कि वह इतनी भारी मात्रा में गेहूं की खरीद नहीं कर सकते क्योंकि एक ही एजेंसी फिलहाल गेहूं हरियाणा में खरीद रही है। माना जा रहा है कि अगर जल्द रेवाड़ी अनाज मंडी में गेहूं की खरीद शुरू नहीं हुई तो अनाज मंडी खुलने के बाद फिर से वही आपाधापी का माहौल रहेगा। इसके अलावा पटौदी के किसानों को फिर अपना गेहूं बेचने के लिए इंतजार लाइनों में खड़ा होकर ही करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार ने बीते 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू कर दी है लेकिन इसके बावजूद भी पटौदी से कुछ किलोमीटर दूरी पर बनी रेवाड़ी अनाज मंडी में अभी तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं की गई है। इस कारण पटौदी के साथ लगते रेवाड़ी जिले के ज्यादातर किसानों ने अब जाटोली मंडी अनाज मंडी की तरफ अपना रुख कर दिया है।

 

आढ़तियों में रोष :

पटौदी जाटोली मंडी के आढ़तियों में इस बात को लेकर भारी रोष व्याप्त है कि उनके यहां इतनी भारी मात्रा में गेहूं की फसल पहुंच गई लेकिन सरसों की प्राइवेट खरीद रेवाड़ी के आढ़ती से कर रहे हैं। जिसकी वजह से जाटोली मंडी अनाज मंडी में सरसों की आवक में भारी गिरावट इस बार देखने को मिल रही है। आढ़तियों का तो यहां तक कहना है कि इस बार रेवाड़ी के व्यापारी मलाई काट रहे हैं और वह धक्के खा रहे हैं।

 

मंडी में भारी मात्रा में रखा गेहूं :

जाटोली मंडी अनाज मंडी में इस बार अभी तक लगभग 6 लाख गेंहू के कट्टो की खरीद हो चुकी है इसमें से बहुत कम मात्रा में ही सरकारी खरीद हो पाई है। क्योंकि एक ही एजेंसी खरीद कर रही है। दूर-दूर से आया गेहूं गीला है या फिर नमी की वजह से गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है इसके अलावा हर रोज हो रही बरसात भी एक बड़ा कारण गेहूं खरीद कम होने का रहा है

 

किसानों को हो सकता है नुकसान :

लगातार बारिश हो रही है और मौसम में भारी नमी बनी हुई है इसके चलते किसानों को नुकसान हो सकता है। किसान गीला सूखा अनाज जल्दबाजी में अनाज मंडी में खाली तो कर गए लेकिन अभी तक ऐसे गेहूं की सरकारी बोली नहीं लगी है। अगर गेहूं में ज्यादा नमी आ गई तो गेहूं खराब हो सकता है। जिन किसानों का गेहूं नहीं बिक पाया है वह खराब होने की वजह से वापस भी किया जा सकता है ऐसे में आढतियों और किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। जाटोली मंडी अनाज मंडी में यह पहली बार हुआ है कि किसान मार्केट कमेटी के कर्मचारियों और प्रबंधन से अच्छे खासे खुश नजर आ रहे हैं। इस बार मार्केट कमेटी सचिव विपिन यादव की अगुवाई में जिस प्रकार से खरीद की जा रही है उनसे किसान संतुष्ट हैं। मात्र 6 दिनों में इतनी भारी संख्या में किसान यहां पहुंचे जिनका सही व्यवस्थित तरीके से अनाज का गेट पास दिया गया और गेहूं के ट्रैक्टर खाली कराए गए।

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