Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 07 Apr, 2026 07:58 PM

नूंह की नई अनाज मंडी में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही किसानों पर भारी पड़ती नजर आई। अचानक हुई बारिश ने मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़े हजारों क्विंटल गेहूं को भिगो दिया,
नूंह, (ब्यूरो): नूंह की नई अनाज मंडी में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही किसानों पर भारी पड़ती नजर आई। अचानक हुई बारिश ने मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़े हजारों क्विंटल गेहूं को भिगो दिया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। मौसम विभाग द्वारा पहले ही बारिश की संभावना जताई गई थी, इसके बावजूद मंडी प्रशासन ने अनाज को सुरक्षित रखने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए। मंडी में बड़ी मात्रा में गेहूं बिना किसी ढकाव के खुले में रखा हुआ था। न तो पर्याप्त तिरपाल उपलब्ध कराए गए और न ही भंडारण के लिए शेड की उचित व्यवस्था की गई।
जैसे ही बारिश शुरू हुई, मंडी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। किसान अपने-अपने स्तर पर गेहूं को बचाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन तब तक काफी मात्रा में अनाज भीग चुका था। किसानों का कहना है कि यह समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन प्रशासन केवल कागजों में ही तैयारियां पूरी दिखाता है। जमीनी स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती। एक किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हम महीनों मेहनत करके फसल तैयार करते हैं, लेकिन मंडी में आकर हमारी मेहनत पर पानी फिर जाता है।
किसानों का यह भी कहना है कि भीगे हुए गेहूं को बेचने में दिक्कतें आएंगी और उन्हें उचित दाम भी नहीं मिल पाएंगे। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें हुए नुकसान की भरपाई की जाए और भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।