बुजुर्गों के ‘सम्मान बहाल’ को लेकर बड़ी ‘पहल’ से सुर्खियों में आई इनैलो,  पैंशन रोकने पर किया था आंदोलन का ऐलान

Edited By Isha, Updated: 15 Feb, 2026 09:28 PM

inld made headlines with its big initiative to restore respect for the elderly

हरियाणा में करीब 73 हजार बुजुर्गों की पैंशन को लेकर इनैलो की ओर से एक सजग विपक्ष की दिखाई गई भूमिका का असर नजर आया है और उन बुजुर्गों की पैंशन बहाल कर दी गई, जिनकी पैंशन किसी वजह से काटी

चंडीगढ़ (संजय अरोड़ा): हरियाणा में करीब 73 हजार बुजुर्गों की पैंशन को लेकर इनैलो की ओर से एक सजग विपक्ष की दिखाई गई भूमिका का असर नजर आया है और उन बुजुर्गों की पैंशन बहाल कर दी गई, जिनकी पैंशन किसी वजह से काटी या रोकी गई थी। इनैलो की ओर से इस मुद्दे को लेकर 20 फरवरी को पंचकूला में राज्यव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। खास बात यह है कि 20 फरवरी से ही प्रदेश का बजट सत्र शुरू होना है। इसके अलावा दूसरे विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था, मगर चौ. देवीलाल द्वारा अपने मुख्यमंत्री काल में शुरु की गई पैंशन को बुजुर्गों के सम्मान के संग जोड़ते हुए इनैलो ने आंदोलन का ऐलान किया था।

गौरतलब है कि हरियाणा में पैंशन सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है। साल 1987 में जब चौ. देवीलाल मुख्यमंत्री बने थे तो उन्होंने जून 1987 से प्रदेश में बुजुर्गों के लिए पैंशन योजना शुरू की थी। तब प्रदेश के 8 लाख 27 हजार बुजुर्गों को 100 रुपए मासिक पैंशन दिए जाने की योजना शुरू की गई। इसके बाद विधवा, दिव्यांगों, किन्नरों, बौनों एवं आश्रित बच्चों की भी पैंशन दी जाने लगी। वर्तमान में प्रदेश में 19 लाख 83 हजार वृद्धों को, 8 लाख 64 हजार विधवाओं, 1 लाख 98 हजार दिव्यांगों एवं 1 लाख 66 हजार आश्रित बच्चों को पैंशन दी जा रही है। हाल में कई मापदंडों का हवाला देकर सरकार की ओर से 73 हजार बुजुर्गों की पैंशन रोक दी गई थी। अब उनकी यह पैंशन बहाल कर दी गई है।

विशेष बात यह है कि अभी 3 दिन पहले ही इनैलो सुप्रीमो चौ. अभय सिंह चौटाला ने दावा किया था कि पैंशन काटने के विरोध में 20 फरवरी को पंचकूला में जोरदार आंदोलन किया जाएगा। अपने इस आंदोलन की रणनीति के तहत इनैलो पदाधिकारियों व कार्यकत्र्ताओं ने उन बुजुर्गों से संपर्क एवं संवाद का सिलसिला भी शुरू कर दिया था, जिनकी पैंशन काटी गई थी। इसके अलावा प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पैंशन काटने के विरोध में बुजुर्गों ने प्रदर्शन भी किए। ऐसे में मामला तूल पकड़ते देख सरकार ने प्रदेश के सामाजिक अधिकारिता विभाग से समन्वय किया और एक कमेटी का गठन किया गया। अब कमेटी की अनुशंसा के आधार पर जिन बुजुर्गों की पैंशन काटी गई थी, उसे बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही अब बुजुर्गों की पैंशन में 200 रुपए की वृद्धि की अधिसूचना भी जारी कर दी है। पिछले साल 1 नवंबर को हरियाणा दिवस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पैंशन में 200 रुपए की वृद्धि की घोषणा की थी। ऐसे में अब बुुजुर्गों व विधवाओं को प्रति माह 3200 रुपए मासिक पैंशन दी जाएगी। पैंशन बहाली के इस मुद्दे को इनैलो कार्यकत्र्ता अपनी जीत बता रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष रहते हुए भी किया था आंदोलन

गौरतलब है कि इससे पहले भी समय-समय पर इनैलो ने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए जनहित के मुद्दों को उठाया है। साल 2014 से लेकर 2019 तक इनैलो प्रदेश का मुख्य विपक्षी दल रही थी और उस दौरान चौ. अभय सिंह चौटाला नेता प्रतिपक्ष थे। तब अभय सिंह चौटाला ने सतलुज यमुना लिक नहर को लेकर एक बड़ा आंदोलन चलाया और जेल भी गए। नवंबर 2020 में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा सहित पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश के किसानों ने दिल्ली में आंदोलन चलाया। तब अभय सिंह चौटाला ने जनवरी 2021 में ऐलनाबाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में वे उपचुनाव जीतकर फिर से विधायक बने थे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व विधायक रहते हुए अभय सिंह चौटाला ने रजिस्ट्री घोटाला, शराब घोटाला, बीज घोटाला, धान घोटाला, बेरोजगारी, खेती, बढ़ते नशे व अपराध जैसे मुद्दों को लेकर लगातार सरकार को घेरा था और अब इनैलो के डबवाली से विधायक आदित्य देवीलाल तथा रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला भी विधानसभा में लगातार प्रदेश के अलग-अलग वर्गों के मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं। हालांकि  अभय सिंह चौटाला वर्तमान में विधायक नहीं हैं, फिर भी वे जनहित मुद्दों को लेकर लगातार गंभीरता से उठा रहे हैं। 

बुजुर्गों का अपमान नहीं सहेगी इनैलो: अभय चौटाला

इस सिलसिले में इनैलो सुप्रीमो चौ. अभय सिंह चौटाला ने कहा कि चौ. देवीलाल ने साल 1987 में मुख्यमंत्री बनने के बाद 100 रुपए मासिक बुढ़ापा पैंशन लागू की थी और उस समय प्रदेश के सभी 8 लाख से अधिक बुजुर्गों को मासिक पैंशन दी जाती थी। अब हाल में भाजपा सरकार ने जनविरोधी निर्णय लिया और आर्थिक मापदंडों का हवाला देते हुए करीब 73 हजार बुजुर्गों की पैंशन काटने का फरमान जारी कर दिया। यह एक तरह से बुजुर्गों के अधिकारों पर डाका था। बुजुर्गों का अपमान इनैलो कतई भी सहन नहीं कर सकती है। यही वजह है कि इनैलो की ओर से 20 फरवरी को पंचकूला में इसको लेकर

आंदोलन चलाने की रणनीति बनाने
का फैसला लिया गया। इनैलो ने उन बुजुर्गों से भी संपर्क किया है, जिनकी पैंशन काटी गई थी। ऐसे बुजुर्गों को अब 20 फरवरी को पंचकूला में बुलाया जाएगा और उन्हें मिठाई खिलाकर व फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया जाएगा।
 

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