भाकियू ने सरसों खरीद में घोटाले का लगाया आरोप

Edited By Naveen Dalal, Updated: 21 Jul, 2019 10:00 AM

bhukiyu charged with scam in procurement of mustard

लोहारू मार्कीट कमेटी द्वारा ढिगावा व लोहारू की मंडियों में की गई सरसों खरीद की उच्चस्तरीय जांच व बहल गेट पास घोटाले में दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों व आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लघु सचिवालय के सामने चल रहे भारतीय किसान यूनियन...

लोहारू (प्रदीप): लोहारू मार्कीट कमेटी द्वारा ढिगावा व लोहारू की मंडियों में की गई सरसों खरीद की उच्चस्तरीय जांच व बहल गेट पास घोटाले में दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों व आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लघु सचिवालय के सामने चल रहे भारतीय किसान यूनियन इकाई लोहारू के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरने के छठे दिन की अध्यक्षता भाकियू नेता जयपाल भूंगला ने की। धरने पर अनेक किसान शामिल हुए। दोपहर 2 बजे धरनास्थल पर आगामी रणनीति के लिए युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ।

धरने को सम्बोधित करते हुए भाकियू युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद ने कहा कि 33 दिन के संघर्ष के बाद बहल मार्कीट कमेटी के टोकन घोटाले की जांच के किए जांच कमेटी लोहारू तहसीलदार नरेंद्र दलाल की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनी थी, जिसमें 2 भाकियू नेता भी शामिल थे। जांच कमेटी की सिर्फ एक बैठक 4 जून को बहल में हुई थी, जिसमें गेटपास घोटाला साबित हो चुका था लेकिन न तो दोबारा जांच कमेटी की बैठक बुलाई गई और न ही मार्कीट कमेटी बहल के अधिकारियों, कर्मचारियों व आढ़तियों पर कोई कार्रवाई हुई।

भाकियू को साफतौर पर तहसीलदार लोहारू नरेंद्र दलाल की घोटालेबाजों के साथ मिलीभगत नजर आ रही है। वहीं, दूसरी तरफ लोहारूमार्कीट कमेटी ने भी सरसों खरीद में भ्रष्टाचार किया है। लंबे समय से किसान पंचायतें कर ज्ञापन देकर लोहारू मार्कीट कमेटी की जांच के लिए जांच कमेटी गठित करने के लिए भारतीय किसान यूनियन मांग कर रही है। इन दोनों मांगों को लेकर किसान पिछले 6 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं लेकिन सरकार व प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि लोहारू का प्रशासन भी घोटाले बाजों के साथ खड़ा है।

लोहारू मार्कीट कमेटी की जांच करवाने में लोहारू प्रशासन को आखिर क्या दिक्कत है अगर भारतीय किसान यूनियन की मांग गलत है और मार्कीट कमेटी में कोई घोटाला नहीं हुआ तो प्रशासन इस बात को किसानों को मीडिया के सामने साफ कर दे। धरनास्थल पर हुई बैठक के बाद निर्णय हुआ कि सोमवार को भारतीय किसान यूनियन की पंचायत बुलाकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ आगामी आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी संघर्ष चाहे कितना भी लम्बा चले लेकिन भारतीय किसान यूनियन बहल मार्कीट कमेटी के दोषियों वह लोहारू मार्कीट कमेटी की जांच करवाकर के रहेगी।

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