Edited By Manisha rana, Updated: 27 May, 2026 03:29 PM

यमुनानगर जिला हरियाणा का वह जिला है जो मानसून के दौरान बाढ़ के चलते काफी प्रभावित रहता है। जैसे ही यमुना पहाड़ों से होकर मैदानी इलाकों में आती है, यमुनानगर जिला उससे सबसे ज्यादा प्रभावित होता है।
यमुनानगर (परवेज खान) : यमुनानगर जिला हरियाणा का वह जिला है जो मानसून के दौरान बाढ़ के चलते काफी प्रभावित रहता है। जैसे ही यमुना पहाड़ों से होकर मैदानी इलाकों में आती है, यमुनानगर जिला उससे सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। पिछले साल बाढ़ से हुई तबाही के निशान अभी भी देखे जा सकते हैं, जहां यमुना के किनारे सैकड़ों एकड़ भूमि यमुना में समा गई, अब यमुना के कई किनारों पर स्टड लगाए गए हैं ताकि इस बार नुकसान ना हो।
बाढ़ रोकथाम के लिए 35 कार्यों की मंजूरी
इस बार नुकसान ना हो इसको लेकर सिंचाई विभाग ने अलग-अलग इलाकों में बाढ़ रोकथाम के 35 कार्यों की मंजूरी लेकर काम शुरू कर दिया है। कुछ कार्यों के लिए अप्रूवल मांगी गई है। सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण गुप्ता का कहना है कि यह कार्य 15 जून तक पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हथिनी कुंड बैराज पर बैराज के उत्तर प्रदेश की तरफ बाढ़ से जो नुकसान हुआ था उसके लिए भी कार्य किया जाना है। वहीं सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर ने यह भी बताया कि बाढ़ रोकथाम कार्यों के लिए कार्य में तेजी लाई जा रही है, ताकि वह निर्धारित समय पर पूरे हो सके और बाढ़ से कम से कम नुकसान हो।
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