मोटर वाहन अधिनियम की उल्लंघना पड़ेगी भारी, जेबों को कर देगी खाली

Edited By vinod kumar, Updated: 15 Jun, 2021 09:49 PM

violation of motor vehicle act will have to pay more fine

मोटर वाहन अधिनियम की उल्लंघना अब आपकी जेबें ढीली नहीं बल्कि खाली भी कर सकती हैं। क्योंकि केंद्र सरकार ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 लाकर मोटर वाहन अधिनियम 1988 (सिद्धांत अधिनियम) में संशोधन किया है। उक्त अधिनियम के तहत विभिन्न अतिरिक्त अपराध...

चंडीगढ़ (धरणी): मोटर वाहन अधिनियम की उल्लंघना अब आपकी जेबें ढीली नहीं बल्कि खाली भी कर सकती हैं। क्योंकि केंद्र सरकार ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 लाकर मोटर वाहन अधिनियम 1988 (सिद्धांत अधिनियम) में संशोधन किया है। उक्त अधिनियम के तहत विभिन्न अतिरिक्त अपराध जोड़े गए हैं। जिसमें कुछ चालान शुल्क तो पहले जितने ही हैं और कुछ चालान शुल्क में भारी बढ़ोतरी की गई है। हरियाणा राज्य में संशोधन अधिनियम के इन प्रावधानों को लागू किया जाना है। जिसके चलते होने वाले जुर्माने में भारी बढ़ोतरी हो जाएगी। 

अब अत्याधिक गति से हल्के मोटर यान चलाने पर जो जुर्माना पहले 1000 था वह 2,000 हो जाएगा। मध्यम और भारी वाहनों को अत्याधिक गति पर चलाने का जुर्माना 2000 से बढ़कर 4000 हो जाएगा। वहीं खतरनाक तरीके से दुपहिया, तिपहिया या ट्रैक्टर चलाने पर जुर्माना 2000 से 3000, हल्का मोटर यान का 3000 से 5000 व अन्य वाहन का जुर्माना 5000 से बढ़कर 10000 किया गया है। 

शारीरिक व मानसिक रूप से अयोग्य चालकों को पहले 1000 रुपए जुर्माना राशि के रूप में देने पड़ते थे। अब इस जुर्म में 2000 की राशि का भुगतान करना पड़ेगा। दौड़ व गति का मुकाबला करने पर जुर्माना 5000 से बढ़कर सीधा 10 हजार रुपए का होगा। जो व्यक्ति सार्वजनिक स्थान में कोई मोटर यान चलाएगा, चलवाएगा या चलाने देगा जिससे सड़क सुरक्षा शोर नियंत्रण और वायु प्रदूषण के संबंध में विहित मानकों का उल्लंघन होता हो उसमें दुपहिया व तिपहिया व हल्के वाहनों का जुर्माना 2000 से बढ़कर 3000 व अन्य वाहनों का जुर्माना 3000 से बढ़कर 5000 रुपए हो जाएगा। 

इसके साथ-साथ इस अपराध में अपराधी को 3 माह की अवधि के लिए ड्राइविंग लाइसेंस रखने के लिए अयोग्य करार दे दिया जाएगा। चालान करने के लिए कम से कम सहायक उपनिरीक्षक पद का कर्मचारी होना अनिवार्य है। मोटरयान के अधिकतर उन अपराधों में जुर्माना राशि बढ़ाई गई है, जिसमें चालक खुद की और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालता है। खास तौर पर आजकल की युवा पीढ़ी इस प्रकार के अपराधों में ज्यादा सामने आती है। 

सड़क पर हो रही दुर्घटनाओं पर लगाम कसने के लिए सरकार द्वारा यह फैसला किया गया है। अधिकारियों को इस प्रकार की शक्तियां देकर सरकार आमजन को सुरक्षित तो करना चाहती है, लेकिन कुछ अधिकारी भारी चालान शुल्क के डर दिखाकर कानून के उल्लंघना करने वाले व्यक्ति के साथ सांठगांठ कर सुविधा शुल्क बटोरते भी पाए गए हैं। इस प्रकार के कई मामले सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुए हैं। जिससे वर्दी दागदार हुई है। 

इसके साथ ही इस बात की ओर भी ध्यान देना अति अनिवार्य है कि चालान बुक या चालान करने वाली मशीन को लेकर कॉन्स्टेबल या हेड कॉन्स्टेबल चालान करते आम तौर पर देखे जाते हैं। यह कानून की उल्लंघना है। जबकि इस काम के लिए कम से कम सहायक उप निरीक्षक पद का कर्मचारी का होना अनिवार्य होता है। इन सब विषयों पर भी उच्चाधिकारियों को ध्यान देना होगा और सख्त फैसले लेने होंगे।
 

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