एक शादी ऐसी भी! न बैंड-बाजा, न दहेज...फिर भी चर्चा में  यह अनोखी शादी, जानें क्यों

Edited By Manisha rana, Updated: 10 Nov, 2025 01:31 PM

unique wedding took place in faridabad

फरीदाबाद में एक परिवार ने अनोखी शादी करवाई है, जिसमें न बैंड-बाजा था और न ही दहेज लिया। जिले के सेक्टर-17 निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट संजीव कौरा और उनकी धर्मपत्नी रितु कौरा ने विवाह समारोह में पर्यावरण संरक्षण को महत्व देकर सामाजिक मिसाल पेश की।

फरीदाबाद : फरीदाबाद में एक परिवार ने अनोखी शादी करवाई है, जिसमें न बैंड-बाजा था और न ही दहेज लिया। जिले के सेक्टर-17 निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट संजीव कौरा और उनकी धर्मपत्नी रितु कौरा ने विवाह समारोह में पर्यावरण संरक्षण को महत्व देकर सामाजिक मिसाल पेश की। शादी में मिलनी के समय सभी मेहमानों का स्वागत पौधे और बीज भेंट कर किया गया। यही नहीं बल्कि उन्होंने अपने इकलौते बेटे लक्ष्य पवन श्याम की शादी में दहेज भी नहीं लिया। कौरा दंपती की हमेशा से यही सोच थी कि बेटे की शादी बेहद सादगी से करेंगे और किसी प्रकार का दहेज लेंगे। 

बता दें कि बहू पूजा मलिक उद्यमी हैं। पूजा के पिता एक निजी कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत हैं, जबकि मां रूपा मलिक गृहिणी तथा भाई अर्जुन मलिक गोल्फ कोच हैं। पूजा का परिवार बल्लभगढ़ में रहता है।

शादी में सिर्फ 60 मेहमान रहे मौजूद
शादी समारोह के लिए जयपुर में एक ऐतिहासिक सामोद गांव को चुना गया। सामौद गांव में बेहद सादगी से बरात निकली। बरात में न बैंड-बाजा और न आतिशबाजी। पूरी तरह से दिखावे से रहित शादी में वर पक्ष की ओर से 30 और वधू पक्ष की ओर से 30 खास मेहमान आए थे।शादी के बाद वर और वधू ने वेदी के पास और घर के आंगन में पौधा लगाया। वर-वधू के अनुसार यह पौधा रिश्ते का जो विकास, समानता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी में जड़ें जमाने का प्रतीक है।

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