जींद नप के 2 अधिकारियों पर गिरी गाज, मिली कड़ी सजा... जानिए क्या है मामला

Edited By Isha, Updated: 07 Oct, 2025 09:45 AM

two jind municipal corporation officials were punished severely

हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एक प्रकरण में नगर परिषद जींद के अधिकारियों द्वारा नागरिक सेवा में लापरवाही बरतने और राज्य सरकार के निर्देशों की अवहेलना करने पर कड़ा रुख अपनाया है।

चंडीगढ़: हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एक प्रकरण में नगर परिषद जींद के अधिकारियों द्वारा नागरिक सेवा में लापरवाही बरतने और राज्य सरकार के निर्देशों की अवहेलना करने पर कड़ा रुख अपनाया है।

आयोग ने मामले के सभी तथ्यों पर विचार के बाद पाया कि संबंधित अधिकारियों ने चार जुलाई 2023 को निदेशक, शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कार्य नहीं किया। निर्देशों में स्पष्ट था कि अनाधिकृत कॉलोनियों में भी प्रॉपर्टी आईडी में आवश्यक सुधार किया जा सकता है, परंतु उस पर 'अनऑथराइज्ड' टैग बना रहना चाहिए। आयोग ने पाया कि जींद नप की क्लर्क व सचिव ने उक्त दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए आवेदक के आवेदन को अस्वीकार कर दिया, इससे आवेदक को परेशानी का सामना करना पड़ा। आयोग ने टिप्पणी की कि "एक सामान्य नागरिक, जो राज्य से बाहर कार्यरत है, को केवल इस कारण नगर परिषद के चक्कर लगाने पड़े क्योंकि अधिकारियों ने सरकार के निर्देशों का पालन नहीं किया। लापरवाही को गंभीर मानते हुए आयोग ने अधिनियम की धारा 17 (1) (ह) के

अंतर्गत दोनों अधिकारियों को दोषी ठहराया है। आयोग ने प्रत्येक पर एक हजार रुपए का प्रतीकात्मक दंड लगाया है और साथ ही शिकायतकर्ता को 2500-2500 रुपए कुल 5 हजार रुपए का मुआवजा भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। आयोग नेएसजीआरए-कम-डीएमसी जींद को निर्देशित किया है कि अक्टूबर 2025 के वेतन से 3500-3500 रुपए की कटौती कर नवम्बर 2025 में भुगतान किया जाए और इसकी रिपोर्ट 10 नवम्बर 2025 तक आयोग को भेजी जाए। दंड की राशि को राज्य कोष में जमा करने के आदेश भी दिए गए हैं।

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