Edited By Isha, Updated: 08 Jan, 2026 11:47 AM

हाइड्रोजन प्लांट की सुरक्षा को लेकर आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) की टीम ने सख्त कदम उठाए हैं। प्लांट के ऊपर ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही प्लांट के 500 मीटर
जींद: हाइड्रोजन प्लांट की सुरक्षा को लेकर आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) की टीम ने सख्त कदम उठाए हैं। प्लांट के ऊपर ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही प्लांट के 500 मीटर के दायरे में वेल्डिंग, आतिशबाजी पर भी रोक है। चार दिनों से हाइड्रोजन से संबंधित टेस्टिंग का काम चल रहा है। इस दौरान विशेष तकनीकी टीम ने प्लांट के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि प्लांट के नजदीक कोई ऐसा कार्य तो नहीं हो रहा है जिससे हाइड्रोजन से जुड़ी प्रक्रिया में जोखिम बढ़ सकता है।
प्रतिबंध इसलिए लगाया गया क्योंकि ड्रोन से निकलने वाली चिंगारी या किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा 500 मीटर के क्षेत्र में वेल्डिंग या आतिशबाजी से आग लगने की संभावना रहती है। इसलिए इन गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, टेस्टिंग पूरी होने के बाद अगले चरण की प्रक्रिया शुरू होगी। इंजन में टेस्टिंग के दौरान गैस भरने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
हालांकि शुरुआती चरण में कुछ तकनीकी परेशानियां सामने आ रही हैं। सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर पुलिस और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिबंधित गतिविधियों पर नजर रखें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। हाइड्रोजन प्लांट में किसी भी बाहरी व्यक्ति के आवागमन पर प्रतिबंध है।