थाईलैंड में नौकरी का झांसा, म्यांमार में बनाया बंधक, पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय 'जॉब स्कैम' रैकेट के 2 गुर्गों को दबोचा

Edited By Isha, Updated: 26 Feb, 2026 04:05 PM

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विदेश में अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर युवक को म्यांमार में साइबर ठगी करने वाली कंपनी में बंधक बनाकर काम कराने के मामले में सिरसा साइबर थाना पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

सिरसा: विदेश में अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर युवक को म्यांमार में साइबर ठगी करने वाली कंपनी में बंधक बनाकर काम कराने के मामले में सिरसा साइबर थाना पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

एसपी दीपक सहारन ने बताया कि नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव माखोसरानी निवासी निवेश कुमार ने शिकायत दी थी कि उसकी मुलाकात सिरसा में आशीष नेहरा निवासी कुतियांवाली जिला हिसार से हुई थी। दोनों में दोस्ती हो गई और वाट्सएप के माध्यम से बातचीत होती रही। अप्रैल 2025  शिकायत के अनुसार बातचीत के दौरान आशीष ने बताया कि गांव बगला निवासी सोनू मेहरिया उसे थाईलैंड बार्डर पर एक कंपनी में डाटा आपरेटर की नौकरी दिलवा चुका है, जहां वह 65 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम कर रहा है।

निवेश कुमार ने भी विदेश जाने की इच्छा जताई तो सोनू मेहरिया ने वाट्सएप काल पर संपर्क कर नौकरी का झांसा दिया। आरोप है कि इंटरव्यू के नाम पर पासपोर्ट की फोटो मंगवाकर 40 हजार रुपये जमा करवा लिए गए और वाट्सएप पर टिकट भेजते हुए बैंकाक (थाईलैंड) में वीजा आन अराइवल मिलने की बात कही गई।

18 मई 2025 को निवेश दिल्ली एयरपोर्ट से बैंकाक पहुंचा, लेकिन वहां उसे एक काले रंग की गाड़ी में बैठाकर जंगल के रास्ते म्यांमार सीमा पर ले जाया गया। म्यांमार पहुंचने पर उसे एक साइबर फ्रॉड कंपनी में जबरन काम करने के लिए मजबूर किया गया। पीड़ित के अनुसार उसे सोशल मीडिया पर लड़की की फर्जी आइडी बनाकर लोगों से दोस्ती कर ठगी करने का काम सौंपा गया। मना करने पर जेल में डालने की धमकी दी जाती थी। अक्टूबर माह में एक सैन्य बल द्वारा रेड की गई, जिसके बाद कंपनी संचालकों ने कर्मचारियों को डोंगमई पार्क में ले जाकर रखा। लगभग एक माह बाद कंपनी ने उन्हें छोड़ दिया। किसी तरह पीड़ित अन्य लोगों के साथ म्यांमार के रास्ते भारतीय दूतावास पहुंचा, जहां से 7 जनवरी 2026 को उसे भारत वापस लाया गया।

शिकायत के आधार पर साइबर थाना सिरसा में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी, मानव तस्करी और अवैध रूप से बंधक बनाकर काम कराने की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने हिसार के गांव कुतियांवाली निवासी आशीष तथा बगला गांव निवासी सोनू मेहरिया को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों आरोपितों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित आशीष भी पूर्व में थाइलैंड गया था और वहां ट्रेनिंग लेने के बाद रेड से कुछ समय पहले ही वापस भारत आ गया था।

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