Edited By Isha, Updated: 20 Jan, 2026 09:15 AM

आयुष्मान योजना के तहत गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों पर हरियाणा आयुष्मान भारत प्राधिकरण की सख्ती जारी है। राज्य के 45 निजी अस्पताल को आयुष्मान-चिरायु योजना के पैनल से बाहर कर दिया गया है।
चंडीगढ़: आयुष्मान योजना के तहत गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों पर हरियाणा आयुष्मान भारत प्राधिकरण की सख्ती जारी है। राज्य के 45 निजी अस्पताल को आयुष्मान-चिरायु योजना के पैनल से बाहर कर दिया गया है। ये सभी अस्पताल जारी दिशा-निर्देश का पालन नहीं कर रहे थे। इनमें से कुछ अस्पतालों के पास इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था तो कुछ के खिलाफ मरीजों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज के बाद भी पैसे लेने की शिकायत दी थी। कुछ महीने पहले प्राधिकरण ने 6 निजी अस्पतालों को पैनल से बाहर किया था। ये भी इन 45 अस्पतालों की सूची में शामिल हैं।
हरियाणा आयुष्मान भारत प्राधिकरण समय-समय पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की ओर से जारी नियमावली के तहत अस्पतालों की जांच करती है। कई बार मरीजों की ओर से शिकायत आती है तो कई बार सरकार की एंटी फ्राड यूनिट गड़बड़ी पकड़ती है। उसी के आधार अस्पतालों को आयुष्मान योजना के पैनल से बाहर किया जाता है। है। आयुष्मान से बाहर का निर्णय पांच सदस्यीय कमेटी लेती है जो आयुष्मान भारत के सीईओ के नेतृत्व में काम करती है। इसमें सभी का पक्ष लेने के बाद फैसला लिया जाता है।
सरकार ने आयुष्मान योजना का चिरायु योजना के नाम से विस्तार किया है। पहले इस योजना के तहत तीन लाख रुपये तक सालाना आय वाले मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में मुफ्त किया जाता था मगर अब छह लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवार भी सालाना किस्त देकर अपना इलाज करवा सकते हैं। हरियाणा में इस योजना के तहत इलाज करने वाले 1304 अस्पताल हैं। इनमें 641 सरकारी अस्पताल हैं। शेष 663 निजी अस्पताल व क्लीनिक हैं।