Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 03 Apr, 2025 09:34 PM

भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद अब केस की सुनवाई और उसके फैसले में बेहद ही कम समय लग रहा है। इसका उदाहरण इसी बात से लगाया जा सकता है कि कैब में युवक से लूटपाट करने वालों को गुड़गांव की एडीजे संदीप चौहान की अदालत ने दोषी करार देते हुए 10-10 साल...
गुड़गांव, (ब्यूरो): भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद अब केस की सुनवाई और उसके फैसले में बेहद ही कम समय लग रहा है। इसका उदाहरण इसी बात से लगाया जा सकता है कि कैब में युवक से लूटपाट करने वालों को गुड़गांव की एडीजे संदीप चौहान की अदालत ने दोषी करार देते हुए 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद यह पहला केस है जिस पर गुड़गांव की अदालत ने यह सजा सुनाई है।
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जानकारी के मुताबिक, युवक से लूटपाट की घटना अक्टूबर महीने में हुई थी। मानेसर थाना में एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि वह 11 अक्टूबर की रात को वह मानेसर के नजदीक हाइवे पर किसी वाहन के इंतजार में खड़ा था। इसी दौरान एक गाड़ी आई, जिसमें तीन व्यक्ति बैठे थे। उन्होंने उसे गुड़गांव जाने के लिए गाड़ी में बैठा लिया। कुछ दूरी पर चलने के बाद उन्होंने चाकू दिखाकर युवक से पर्स ले लिया और गाड़ी से उतारकर भाग गए।
पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। मामले में मानेसर क्राइम ब्रांच के प्रभारी एसआई ललित कुमार की टीम ने तीन आरोपियों को 12 अक्टूबर को गांव शिकोहपुर के निकट से काबू कर लिया। जिनकी पहचान दिल्ली के मयूर विहार निवासी रमेश, गंगाराम उर्फ सन्नी व के. सेलवराज के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने दिल्ली-एनसीआर, केएमपी एक्सप्रेस-वे, उत्तर-प्रदेश से इस तरह की करीब 50 वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सभी आवश्यक साक्ष्य व गवाह जुटाए और अदालत में चार्जशीट दाखिल की। जिसके बाद एडीजे संदीप चौहान की अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपियों को दोषी करार देते हुए दस-दस साल की कैद व 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।