जमीन मालिकों को अब नहीं लगाने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर, हरियाणा सरकार ने किया ये बड़ा सुधार

Edited By Harman, Updated: 09 Jun, 2026 05:22 PM

technology based land record reforms implemented in haryana

हरियाणा सरकार ने अपने भूमि अभिलेख प्रशासन में सुधार किया है, जिसके परिणामस्वरूप छह महीने के भीतर लंबित दाखिल-खारिज मामलों में 90 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है और राज्यव्यापी स्वत: दाखिल खारिज प्रणाली लागू की गई है। नई प्रणाली के तहत राज्य में कहीं भी...

हरियाणा डेस्क :  हरियाणा सरकार ने अपने भूमि अभिलेख प्रशासन में सुधार किया है, जिसके परिणामस्वरूप छह महीने के भीतर लंबित दाखिल-खारिज मामलों में 90 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है और राज्यव्यापी स्वत: दाखिल खारिज प्रणाली लागू की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त सुमिता मिश्रा ने मंगलवार को सुधारों के बारे में विस्तार से बताया कि यह पहल राजस्व सेवाओं के वितरण में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है और इसका उद्देश्य भूमि अभिलेख प्रबंधन को तेज, अधिक पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित बनाना है। उन्होंने बताया कि सुधार प्रक्रिया की प्रमुख उपलब्धियों में से एक सभी पुराने दाखिल खारिज अभिलेखों को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक स्थानांतरित करना है। 

अधिकारी ने बताया कि पुराने आंकड़ों के एकीकरण से अधिकारियों को जिलों में दाखिल-खारिज मामलों की वास्तविक समय में निगरानी करने और राजस्व प्रशासन प्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिली है। गहन जांच और डिजिटलीकरण अभियान के परिणामस्वरूप, राज्य भर में लंबित दाखिल-खारिज मामलों की संख्या लगभग पांच लाख से घटकर लगभग 50,000 रह गई है। उन्होंने बताया कि शेष लंबित मामलों को निपटाने के लिए एक विशेष दस दिवसीय अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान करने का निर्देश दिया गया है। 

मिश्रा ने बताया कि नव विकसित निगरानी तंत्र जिला और राज्य स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों को लंबित मामलों तथा उनके निष्पादन पर निरंतर नजर रखने की अनुमति देता है, जिससे देरी होने पर त्वरित हस्तक्षेप सुनिश्चित होता है। नई प्रणाली के तहत राज्य में कहीं भी पंजीकृत प्रत्येक संपत्ति के लिए राजस्व अभिलेखों में स्वतः ही संबंधित दाखिल-खारिज प्रविष्टि दर्ज हो जाएगी, जिससे नागरिकों को पंजीकरण के बाद अलग से आवेदन जमा करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इस सुधार से लाखों संपत्ति मालिकों का समय व मेहनत बचने की उम्मीद है क्योंकि इससे एक अतिरिक्त प्रक्रियात्मक चरण समाप्त हो जाएगा, जिसके कारण अक्सर देरी होती थी और राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे। उन्होंने बताया कि पंजीकरण और दाखिल-खारिज अभिलेखों को एक साथ अद्यतन करने से सटीकता बढ़ेगी तथा पुराने स्वामित्व अभिलेखों से उत्पन्न होने वाले विवादों की संभावना कम हो जाएगी।

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