सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व MLA छौक्कर से पूछा, "पैसे लेकर भी फ्लैट्स नहीं दिए, अब बताओ कैसे लौटाओगे पैसे?"

Edited By Isha, Updated: 18 Jun, 2026 03:42 PM

supreme court asked former mla chhokkar  you didn t hand over

616 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग (धोखाधड़ी और अवैध धन को वैध बनाने) के मामले में जेल में बंद हरियाणा के समालखा से कांग्रेस के पूर्व विधायक (MLA) धर्म सिंह छौक्कर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: 616 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग (धोखाधड़ी और अवैध धन को वैध बनाने) के मामले में जेल में बंद हरियाणा के समालखा से कांग्रेस के पूर्व विधायक (MLA) धर्म सिंह छौक्कर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक हजारों गरीब और मध्यम वर्गीय होमबायर्स (घर खरीदारों) के हितों की रक्षा नहीं होती, तब तक आरोपी को राहत देने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने छौक्कर के वकील से खरीदारों को मुआवजा देने की ठोस योजना पेश करने को कहा है।

जस्टिस जॉयमाल्य बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने सुनवाई के दौरान छौक्कर के वकील एएम सिंहवी से कहा कि हलफनामा दाखिल कर बताया जाए कि हजारों होमबायर्स के दावों का निपटारा कैसे किया जाएगा। 19 जून को दोबारा सुनवाई होगी।

कोर्ट ने मांगा परिवार की संपत्तियों का पूरा ब्योरा
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने मांग की कि हलफनामे में छौक्कर, उनके दोनों बेटों और अन्य परिवारजनों की सभी संपत्तियों का विवरण दिया जाए। साथ ही बताया जाए कि इन संपत्तियों पर कोई कर्ज या अन्य भार है या नहीं।सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि होमबायर्स को भुगतान की व्यवस्था, धन का स्रोत, परिवार की संपत्तियां और उनसे जुड़े सभी दस्तावेज पेश किए जाएं।

खरीदारों का पैसा दूसरी जगह लगाया
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार माहिरा ग्रुप की किफायती हाउसिंग परियोजनाओं में हजारों लोगों से फ्लैट के नाम पर बड़ी रकम जुटाई गई, लेकिन इसका इस्तेमाल निर्माण कार्य की बजाय अन्य उद्देश्यों में किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी रकम से करोड़ों रुपए की संपत्तियां खरीदी गईं और 616 करोड़ रुपए की कथित अवैध कमाई को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध बनाने की कोशिश हुई।

हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका जमानत
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में छौक्कर की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने माना था कि मामले की गंभीरता, उपलब्ध सबूत और आरोपी के फरार होने की आशंका को देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि होमबायर्स से जुटाए गए धन के दुरुपयोग के आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर हैं और ट्रायल में हुई देरी का दोष केवल जांच एजेंसियों पर नहीं डाला जा सकता।

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