सफलता: नेशनल खिलाड़ी बन बेटियों ने पूरा किया मां का अधूरा सपना

Edited By Manisha rana, Updated: 03 Oct, 2022 10:53 AM

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खेल के मैदान में जिस मां का सपना अधूरा रह गया था अब उसका यह सपना उसकी बेटियों ने पूरा कर दिखाया। जहां कंगनपुर रोड स्थित कॉलोनी निवासी शिवानी...

सिरसा : खेल के मैदान में जिस मां का सपना अधूरा रह गया था अब उसका यह सपना उसकी बेटियों ने पूरा कर दिखाया। जहां कंगनपुर रोड स्थित कॉलोनी निवासी शिवानी, डिंपल व भूमिका तीनों सगी बहनें जूडो की नेशनल खिलाड़ी हैं। एक ही परिवार से तीनों बेटियों का एक साथ नेशनल स्तर तक पहुंचना कोई इत्तफाक नहीं है, बल्कि इसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत और मां के अधूरे सपने को पूरा करना था।

बता दें कि इन बेटियों की मां वीना खो-खो की खिलाड़ी होने के साथ ही खेल के प्रति गहरा लगाव था। उनकी मां का 11 साल की उम्र में बाल विवाह हो गया था, लेकिन जैसे तैसे दो साल और खेलने का अवसर मिला। ग्रामीण परिवेश व सामाजिक बंदिशों के चलते पांचवीं कक्षा के बाद स्कूल और खेल से नाता तोड़ना पड़ा। हालांकि उनकी बेटियों ने खेल के मैदान में बेहतर प्रदर्शन किया। शिवानी ने 13 वर्ष की उम्र में 5वीं कक्षा से जूडो का अभ्यास किया और 6 बार नेशनल स्तर पर गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। उनकी तीसरी बेटी डिंपल जूडो में नेशनल स्तर पर 2 गोल्ड, 1 सिल्वर तथा एक कांस्य सहित 4 बार मेडल हासिल कर चुकी है। चौथी बेटी भूमिका का चयन हाल ही में नेशनल स्तर के लिए हुआ है। उनकी बड़ी बेटी निशा अध्ययन कर रही है। सभी बेटियां खेल के साथ-साथ शिक्षा भी ग्रहण कर रही है। माता वीना ने बताया कि वह तथा उसके पति श्योपाल पेशे से मजदूर हैं। आज उन्हें गर्व महसूस होता है जब बेटियां मेडल लेकर आती हैं। 

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