Edited By Isha, Updated: 07 Jan, 2026 05:54 PM

जिले में 10वीं की फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने के आरोपी सरपंच को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सरपंच ने खुद को बचाने के सेशन कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट (SC) तक खुद को बचाने की कोशिश की, लेकि
कुरुक्षेत्र(रणदीप): जिले में 10वीं की फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने के आरोपी सरपंच को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सरपंच ने खुद को बचाने के सेशन कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट (SC) तक खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन SC ने उसके केस को डिसमिस कर दिया।
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद के खरींडवा गांव के पवन कुमार ने साल 2022 में अपने गांव से सरपंची का चुनाव लड़ा था। पवन कुमार ने अपने नामांकन पत्र में CBSE की 10वीं क्लास की मार्कशीट लगाई थी। करीब 300 वोट से जीत चुनाव जीतने पर पवन कुमार को गांव का सरपंच नियुक्त किया गया था। पवन कुमार से चुनाव हारने वाले संजीव कुमार ने नवंबर 2022 में उपायुक्त कुरुक्षेत्र (DC) को एक शिकायत दी थी। संजीव कुमार ने सरपंच पवन कुमार पर 10वीं क्लास की फर्जी मार्कशीट बनवाने, चुनाव में झूठा शपथपत्र देने और तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया था।
तत्कालीन DC ने इस शिकायत की जांच कराई। जांच में पवन कुमार अपनी 10वीं की मार्कशीट को असली साबित नहीं कर पाए। इस पर 27 दिसंबर 2024 को तत्कालीन DC ने पवन कुमार को सरपंच पद से तुरंत हटाने ऑर्डर देकर सस्पेंड कर दिया। संजीव कुमार ने 30 दिसंबर 2024 को पवन कुमार के खिलाफ बुरी नीयत से फर्जी मार्कशीट तैयार करने, सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और गलत तरीके से सरपंच पद हासिल करने का आरोप लगाकर पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत पर पुलिस ने पिछले साल जनवरी में थाना शाहाबाद में IPS की धारा 420, 120-बी, 463, 465, 466, 467 और 471 के तहत FIR दर्ज की थी। थाना शाहाबाद के SHO जगदीश टामक ने बताया कि कई दिनों से आरोपी पवन कुमार फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट के आदेश से आरोपी सरपंच पवन कुमार को 2 दिन के रिमांड पर लिया है, ताकि फर्जी मार्कशीट बनाने और केस में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ा जा सके।
शिकायतकर्ता संजीव कुमार ने बताया कि DC के ऑर्डर के खिलाफ आरोपी ने सेशन कोर्ट में अपील डाली थी। जिसे सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया था। तब आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील डाल दी। हाईकोर्ट में आरोपी अपनी मार्कशीट को सही साबित नहीं कर पाया।हाईकोर्ट में CBSE के सचिव की गवाही हुई थी। सचिव ने आरोपी सरपंच की मार्कशीट को फर्जी करार दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने आरोपी की अपील को खारिज कर दिया था। तब पवन कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील डाली थी, लेकिन यहां से उसकी अपील डिसमिस हो गई।