IFFCO चौक से SPR तक सड़क कॉरिडोर का होगा अपग्रेडेशन, फुटपाथ, साइकिल ट्रैक और ड्रेनेज भी बनाए जाएंगे

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 18 Aug, 2026 07:34 PM

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गुरुग्राम की सड़क कनेक्टिविटी और शहरी आवागमन व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): गुरुग्राम की सड़क कनेक्टिविटी और शहरी आवागमन व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (एचपीडब्ल्यूपीसी ) की बैठक में इन परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।

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जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने इस सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं में सेक्टर 68/69 के बीच मिसिंग लिंक का निर्माण तथा इफ़को चौक से सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर ) तक सड़क कॉरिडोर का अपग्रेडेशन शामिल है। इन दोनों परियोजनाओं से प्रमुख सड़क मार्गों की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ-साथ वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मीणा ने कहा कि जीएमडीए अब सड़क विकास को केवल कैरिजवे तक सीमित न रखकर समग्र कॉरिडोर विकास पर जोर दे रहा है। इसके तहत सड़क सुधार के साथ सर्विस रोड़ , फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, ड्रेनेज और चौराहे का सुधार जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं। इससे न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि शहरवासियों के लिए आवागमन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा।

 

सेक्टर 68/69 में बनेगा मिसिंग लिंक, एसपीआर और सोहना रोड के बीच बेहतर कनेक्टिविटी

सीईओ के अनुसार पहली परियोजना के तहत सेक्टर 68 और 69 को विभाजित करने वाली सड़क पर मिसिंग लिंक तथा सर्विस रोड़ का निर्माण किया जाएगा। इससे सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर ) और सोहना रोड़ के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी। साथ ही सेक्टर 68, 69, 70, 70ए , 75 और 76 की पहुंच भी बेहतर होगी। परियोजना के तहत करीब 900 मीटर नई मुख्य सड़क का निर्माण किया जाएगा, जबकि लगभग 1,100 मीटर मौजूदा सड़क पर बिटुमिनस की लेयर बिछाई जाएगी। इसके अलावा, करीब 2 किलोमीटर लंबी नई दो-लेन सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। कॉरिडोर के साथ फुटपाथ और साइकिल ट्रैक विकसित किए जाएंगे तथा हॉर्टिकल्चर के कार्य भी किए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 26.83 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

 

उन्होंने कहा कि मिसिंग लिंक के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को आवागमन के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे तेजी से विकसित हो रहे आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी। परियोजना में वाहनों के लिए बेहतर सड़क के साथ पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए अलग सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। इससे यातायात सुगम होने के साथ गैर-मोटर चालित परिवहन के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होंगे।

 

इफ़को चौक से एसपीआर तक 7.1 किमी सड़क का होगा अपग्रेडेशन

दूसरी परियोजना के तहत इफ़को चौक से एसपीआर तक के सड़क कॉरिडोर का विशेष मरम्मत एवं अपग्रेडेशन किया जाएगा। इसमें सेक्टर 28/29, 43/44, 52/52A और 56/57 को विभाजित करने वाली सड़कें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत करीब 7.1 किलोमीटर मुख्य सड़क पर बिटुमिनस ओवरले किया जाएगा। कॉरिडोर के दोनों ओर फुटपाथ और साइकिल ट्रैक भी विकसित किए जाएंगे, जिससे पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

 

बारिश के पानी की बेहतर निकासी के लिए पूरे कॉरिडोर में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, प्रमुख चौराहों का अपग्रेडेशन, ग्रिल लगाने तथा पैदल यात्रियों की सुरक्षा और आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए अन्य आवश्यक कार्य किए जाएंगे।इस परियोजना की अनुमानित लागत 41.86 करोड़ रुपये है और इसे एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क आधारभूत ढांचा शहर के प्रत्येक वर्ग के उपयोगकर्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैरिजवे को बेहतर बनाने के साथ इस परियोजना में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुविधाएं, चौराहों का सुधार और ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल किया गया है। इससे यह पूरा कॉरिडोर अधिक सुरक्षित और आसपास के सेक्टरों की भविष्य की मोबिलिटी जरूरतों के अनुरूप बनेगा। पीसी मीणा ने कहा कि दोनों परियोजनाएं गुरुग्राम के सड़क नेटवर्क को और मजबूत करेंगी तथा शहर के प्रमुख आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। एकीकृत विकास के इस मॉडल से प्रमुख सड़क कॉरिडोर की कार्यक्षमता, सुरक्षा और समग्र यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।

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