Edited By Manisha rana, Updated: 23 Jan, 2026 01:20 PM

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई मिड-डे मील योजना की खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे है।
रादौर : सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई मिड-डे मील योजना की खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे है। रादौर के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय सहित क्षेत्र के कई स्कूलों में हरियाणा एग्रो द्वारा भेजी गई मिड-डे मील योजना की खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर स्कूल प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने सवाल उठाए है। एसएमसी सदस्यों का कहना है कि कुछ खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब है जिसकी जांच होनी चाहिए और संबंधित सप्लाई एजेंसी व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
बच्चों ने स्वयं की थी भोजन की खराब गुणवत्ता की शिकायत
एसएमसी सदस्य अमित काम्बोज ने बताया कि बच्चों ने स्वयं भोजन की खराब गुणवत्ता की शिकायत की थी। इसके बाद जब एसएमसी द्वारा राशन की जांच की गई तो गुणवत्ता सही नहीं पाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों की लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है और मामले की निष्पक्ष जांच कर सप्लाई एजेंसी व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं स्कूल के मुख्याध्यापक रविंद्र काम्बोज ने बताया कि इस बार मिड-डे मील का राशन हरियाणा एग्रो द्वारा सप्लाई किया गया था, जिसमें कुछ सामग्री की गुणवत्ता खराब पाई गई है। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उक्त राशन का उपयोग नहीं किया जाएगा।
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