रिश्तों का 'कत्ल' करती जमीन: मानसिक तनाव के चलते पंप ऑपरेटर की मौत, अपनों पर प्रताड़ना का आरोप

Edited By Isha, Updated: 10 Apr, 2026 04:59 PM

pump operator in rewari suffers heart attack due to mental stress

जिले के पिवरा की ढाणी निवासी 47 वर्षीय नरेंद्र कुमार की हार्ट अटैक से मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीन के विवाद अब खून के रिश्तों पर भी भारी पड़ते जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अप

रेवाड़ी(महेंद्र भारती):  जिले के पिवरा की ढाणी निवासी 47 वर्षीय नरेंद्र कुमार की हार्ट अटैक से मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीन के विवाद अब खून के रिश्तों पर भी भारी पड़ते जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अपने ही लोग एक-दूसरे के लिए मानसिक तनाव और मौत का कारण बन रहे हैं। कई परिवारों में जायदाद की लड़ाई अब रिश्तों को निगलते हुए लोगों को मौत के मुंह तक पहुंचा रही है। नरेंद्र कुमार, जो वाटर सप्लाई विभाग में पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे, की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती, तो आज नरेंद्र कुमार जिंदा होते।

 परिजनों ने परिवार के ही कुछ लोगों पर जमीन विवाद को लेकर लगातार मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसी तनाव ने नरेंद्र कुमार को अंदर तक तोड़ दिया। दिल्ली में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया, जहां उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को रेवाड़ी लाकर पोस्टमार्टम कराया गया। पीड़ित परिवार के अनुसार, नरेंद्र कुमार ने 8 अप्रैल को मॉडल टाउन थाने में धमकी देने और ईंधन चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

 परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेती, तो हालात इस हद तक नहीं पहुंचते और एक परिवार का सहारा यूं नहीं छिनता। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार तक पुलिस की कड़ी निगरानी रही। रेवाड़ी नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा, जिसके चलते मॉडल टाउन थाना और शहर थाना पुलिस को तैनात किया गया। बाद में गांव के श्मशान घाट तक भी पुलिस बल मौजूद रहा, ताकि किसी प्रकार का विवाद या तनाव न बढ़े। 

परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। अब परिवार को उम्मीद है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की असली वजह सामने आएगी और जिन लोगों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह पूरा मामला एक बार फिर यह बताता है कि जमीन-जायदाद के झगड़े अब सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि खून के रिश्तों को तोड़ते हुए लोगों को मौत का ग्रास बना रहे हैं।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!