Edited By Harman, Updated: 28 Apr, 2026 12:38 PM

पानीपत जिले के काबड़ी रोड स्थित अर्जुन नगर में सोमवार की शाम रिहायशी इलाके के बीचों-बीच लगा एक बिजली का ट्रांसफॉर्मर अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। इस ब्लास्ट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी चपेट में आने से घर की छत पर खेल रहे बच्चे गंभीर रूप से...
पानीपत (सचिन शर्मा) : पानीपत जिले के काबड़ी रोड स्थित अर्जुन नगर में सोमवार की शाम रिहायशी इलाके के बीचों-बीच लगा एक बिजली का ट्रांसफॉर्मर अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। इस ब्लास्ट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी चपेट में आने से घर की छत पर खेल रहे बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे ने न केवल बिजली व्यवस्था को ठप किया, बल्कि दो-तीन घरों को भी अपने चपेट में ले लिया।
ये हादसा उस वक्त हुआ, जब बच्चे अपनी घरों की छतों पर खेल रहे थे और लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, तभी अचानक गली में लगे ट्रांसफॉर्मर में एक जोरदार विस्फोट हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि लगा जैसे कोई बम फटा हो। ट्रांसफॉर्मर फटने के साथ ही उससे उबला हुआ गर्म तेल और आग की लपटें आसपास के घरों पर जा गिरी।
छत पर खेल रहे तीन बच्चे झुलसे
हादसे के वक्त छत पर खेल रहे तीन बच्चे सीधे तौर पर आग की लपटों और गर्म तेल की चपेट में आ गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पूरी कॉलोनी में भगदड़ मच गई। लोग अपने घरों से बाहर की ओर दौड़े, तो कुछ ने छतों की ओर रुख किया, जहां बच्चे तड़प रहे थे।
आग की चपेट में आए आस-पास के घर
ट्रांसफार्मर में हुए इस ब्लास्ट का असर केवल बाहर तक सीमित नहीं रहा। धमाके के कारण उठी आग की लपटें पास स्थित घरों के कमरों तक पहुंच गईं। जिन घरों की दीवारों के बिल्कुल सटाकर बिजली निगम ने ट्रांसफार्मर लगाया हुआ था, वहां स्थिति सबसे अधिक भयावह रही। ब्लास्ट के तुरंत बाद कमरों में रखे बिस्तर, कपड़े और अन्य कीमती सामान ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते कई घरों का घरेलू सामान जलकर राख हो गया।
घायल बच्चे अस्पताल में भर्ती
हादसे में झुलसे बच्चों को लेकर परिजन बदहवास होकर अस्पतालों की ओर दौड़े। कुछ लोग अपने बच्चों को नजदीकी निजी अस्पतालों में ले गए, जबकि कुछ को पानीपत के सिविल अस्पताल लाया गया। सिविल अस्पताल लाए गए घायल बच्चे की पहचान दीपांशु के रूप में हुई है। दीपांशु 5वीं कक्षा का छात्र है और उसके पिता धर्मपाल एक स्थानीय फैक्ट्री में काम कर मेहनत-मजदूरी से घर चलाते हैं।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दीपांशु की हालत को बेहद गंभीर बताया। उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत रोहतक PGI रेफर कर दिया गया। वहीं, हादसे का दूसरा शिकार 12 वर्षीय शुभम हुआ। शुभम दूसरी कक्षा का छात्र है। शुभम जिस वक्त झुलसा, उस दौरान उनके पूरे कमरे में आग लग गई थी। इस आगजनी में शुभम की बहन भी झुलस गई, जिसके हाथ आग की चपेट में आ गए।
ट्रांसफार्मर फटने के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई और कॉलोनी में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। अंधेरा होने के कारण राहत कार्य में भी स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कॉलोनी निवासियों में बिजली निगम के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि जर्जर हो चुके ट्रांसफार्मर और लटकती तारों की शिकायत कई बार की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं बच्चे की माँ ने बताया कि वह अपने पति के साथ फैक्ट्री में काम पर गई थी। उनके पास कॉलोनी से फोन पर सूचना दी गई जिसके बाद वह घर पर पहुंची और बच्चे को लेकर अस्पताल आई।उन्होंने बताया कि बच्चे ट्रांसफार्मर के करंट लगने से झुलसे हैं। डॉक्टर हितेश ने बताया एक बच्चे को रोहतक पीजीआई में रेफर कर दिया है।वहीं शुभम का अस्पताल में उपचार चल रहा है, डॉक्टर ने बताया बच्चा 12 से 14 प्रतिशत करंट से झुलसा फिलहाल बच्चे की स्थिति सामान्य है।बच्चे को आवश्यक उपचार दिया जा रहा है ।