Edited By Manisha rana, Updated: 24 Jun, 2026 03:33 PM

बहुचर्चित 661 करोड़ रुपए के आई.डी.एफ.सी. बैंक घोटाले में मंगलवार को दूसरे आई.ए.एस. अफसर पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी से हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी में हलचल मच गई है। पंकज अग्रवाल के खिलाफ सी.बी.आई. ने कई तरह से सरकारी पैसों के नुकसान करने के साक्ष्य जुटाए...
चंडीगढ़ : बहुचर्चित 661 करोड़ रुपए के आई.डी.एफ.सी. बैंक घोटाले में मंगलवार को दूसरे आई.ए.एस. अफसर पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी से हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी में हलचल मच गई है। पंकज अग्रवाल के खिलाफ सी.बी.आई. ने कई तरह से सरकारी पैसों के नुकसान करने के साक्ष्य जुटाए हैं। सी.बी.आई. सूत्रों की मानें तो आई.डी.एफ.सी. बैंक के मैनेजर के मोबाइल फोन से एक बातचीत की आडियो मिली थी। इस आडियो में उक्त बैंक कर्मी ने आई. ए. एस. पंकज अग्रवाल से 10 करोड़ रुपए की धनराशि किसी बिल्डर के खाते में ट्रांसफर करने के बारे में बातचीत की थी।
बताया गया कि आई.ए.एस. से सहमति मिलने के बाद जनवरी महीने में बिल्डर के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। इस आडियो के बाद ही अग्रवाल के खिलाफ सी.बी.आई. ने जांच तेज की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। वहीं सी.बी.आई. के राडार पर अभी 6 और आई.ए.एस. अफसर है। जिनकी मिलीभगत की जांच जारी है। इनमें से सी.बी.आई. 2 अफसरों को सरकारी गवाह बना सकती है, जबकि अन्य 4 अफसरों पर शिकंजा कसा जा सकता है।
आंख बंद कर सरकारी पैसों का किया गया दोहन
सी.बी.आई. के अनुसार जिस तरह से आई.ए.एस. रामकुमार सिंह ने आख बंद कर नगर निगम पंचकूला के पैसों का दोहन किया, वैसे ही आई.ए.एस. पंकज अग्रवाल ने भी आई.डी.एफ. सी. बैंक के अफसरों के जरिए निजी व्यक्तियों के खाते में पैसे ट्रांसफर करवाए। सी. बी. आई. अब दूसरे महकमों में भी इसी तरह से जांच कर रही है, जिसमें हरियाणा बिजली उत्पादन निगम, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पंचायत विभाग मुख्य रूप से शामिल है। अब इन विभागों में सरकारी पैसे के हुए नुकसान का पूरा डेटा एकत्र किया जा रहा है।
सी.बी.आई. ने 2 और आई.ए.एस. से की पूछताछ
सी.बी.आई. सूत्रों की मानें तो मंगलवार को जांच टीम ने पंचायत विभाग में तैनात रहे 2 आई.ए.एस. अफसरों से पूछताछ की है लेकिन इसका खुलासा नहीं किया गया है। बताया गया कि जल्द ही एक और आई.ए.एस. अफसर की गिरफ्तारी हो सकती है। सी. बी. आई. पुख्ता सबूतों के साथ ही अफसरों की गिरफ्तारी कर रही है, लिहाजा उसकी ओर से अफसरों के खिलाफ सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। दरअसल, सी.बी.आई. की टीम पहले पूछताछ करती है फिर सबूत और साक्ष्य जुटाने के बाद ही गिरफ्तारी का फैसला करती है।