Edited By Harman, Updated: 27 Apr, 2026 06:55 PM

हरियाणा के रोहतक में एक मां ने अपने जवान बेटे की मौत के गम को किनारे रखकर उसके ऑर्गन डोनेट करने का फैसला किया। पति की तेरहवीं के दिन बेटे की भी मौत हो गई। इस नेक फैसले से कुछ लोगों को नई जिंदगी मिली है। खास बात यह रही कि हरियाणा के इतिहास में पहली...
रोहतक : हरियाणा के रोहतक में एक मां ने अपने जवान बेटे की मौत के गम को किनारे रखकर उसके ऑर्गन डोनेट करने का फैसला किया। पति की तेरहवीं के दिन बेटे की भी मौत हो गई। इस नेक फैसले से कुछ लोगों को नई जिंदगी मिली है। खास बात यह रही कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार ऑर्गन्स पहुंचाने के लिए एयरलिफ्ट की मदद ली गई।
करनाल के बाल रंगजान गांव के रहने वाले राजेंद्र और उनका 16 साल का बेटा हर्ष 15 अप्रैल को पानीपत के पास एक सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। अगले ही दिन राजेंद्र की मौत हो गई, जबकि हर्ष जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था। शुक्रवार को जब परिवार राजेंद्र की तेरहवीं की रस्में निभा रहा था, उसी दिन रोहतक PGIMS के डॉक्टरों ने हर्ष को 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया। मां ने इस दुख की घड़ी में हिम्मत दिखाई और हर्ष के ऑर्गन्स डोनेट करने का फैसला किया। रविवार सुबह इंडियन आर्मी का हेलीकॉप्टर रोहतक पहुंचा और हर्ष की एक किडनी चंडीगढ़ कमांड अस्पताल को ट्रांसफर की गई। हॉस्पिटल में इलाज करा रहे आर्मी के एक जवान को एयरलिफ्ट किया गया।
लिवर दिल्ली के और आंखें PGI रोहतक के मरीज़ों दी गई दान
हर्ष का लिवर दिल्ली के दो मरीज़ों को दिया गया। वहीं एक किडनी और दोनों आंखें PGI रोहतक के मरीज़ों को दी गईं।
सफर पड़ा भारी, चेन्नई के मरीज को नहीं मिल सका रोहतक के हर्ष का दिल
दुख की बात यह थी कि हर्ष का हार्ट चेन्नई के एक मरीज़ को अलॉट किया गया था। लेकिन रोहतक से चेन्नई की दूरी 1800 किलोमीटर होने की वजह से टीम समय पर नहीं पहुंच सकी। हार्ट को 6 घंटे के अंदर ट्रांसप्लांट करना ज़रूरी था, लेकिन चेन्नई की टीम को आने-जाने में 7 घंटे लग रहे थे। जिसकी वजह से हार्ट का इस्तेमाल नहीं हो सका।