Edited By Harman, Updated: 15 Jul, 2026 03:46 PM
हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय की शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता भोपाल सिंह खदरी को मुख्यमंत्री शिकायत निवारण सलाहकार नियुक्त किया है।
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय की शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता भोपाल सिंह खदरी को मुख्यमंत्री शिकायत निवारण सलाहकार नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंशा है कि प्रदेश के नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से समाधान हो तथा सीएम विंडो फिर से अपनी पुरानी कार्यकुशलता के साथ काम करे।
नई जिम्मेदारी संभालने के बाद भोपाल सिंह खदरी ने चन्द्र शेखर धरणी से विशेष बातचीत में अपनी प्राथमिकताओं, कार्ययोजना और मुख्यमंत्री की सोच पर विस्तार से चर्चा की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश—
प्रश्न : मुख्यमंत्री शिकायत निवारण सलाहकार के रूप में मिली नई जिम्मेदारी को आप किस नजरिये से देखते हैं?
भोपाल सिंह खदरी : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जो विश्वास मुझ पर जताया है, उसे मैं सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती भी मानता हूं। मुख्यमंत्री स्वयं जनता के बीच रहने वाले नेता हैं। चाहे वे दौरे पर हों या चंडीगढ़ स्थित आवास पर, दिन में कई बार लोगों से मिलते हैं। स्वाभाविक रूप से उनके पास बड़ी संख्या में शिकायतें आती हैं। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि हर शिकायत का गंभीरता से समाधान हो और लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि उनकी अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरूं और शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाऊं।
प्रश्न : आप लंबे समय से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जुड़े रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा शुरू की गई सीएम विंडो को अब आप कैसे आगे बढ़ाएंगे?
भोपाल सिंह खदरी : मुख्यमंत्री ने मुझे स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं कि सबसे पहले पूरे प्रदेश का दौरा कर व्यवस्था का आकलन करूं। जहां-जहां सीएम विंडो या शिकायत निवारण से जुड़े अधिकारी कार्यरत हैं, उनसे संवाद स्थापित किया जाएगा। हमारी प्राथमिकता होगी कि अधिक से अधिक शिकायतों का समाधान जिला स्तर पर ही हो जाए। यदि एसडीएम, डीसी और संबंधित विभाग समय पर कार्रवाई करें तो अधिकांश मामलों को चंडीगढ़ भेजने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। जब स्थानीय स्तर पर शिकायतों का समाधान होगा तो लोगों का समय भी बचेगा और मुख्यमंत्री कार्यालय पर अनावश्यक दबाव भी कम होगा।
प्रश्न : पिछले कुछ समय से सीएम विंडो की कार्यप्रणाली अपेक्षाकृत धीमी होने की चर्चा रही है। क्या अब इसमें फिर तेजी आएगी?
भोपाल सिंह खदरी : निश्चित रूप से हमारे पास पूरा सिस्टम मौजूद है। जहां कहीं कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। सीएम विंडो पर आने वाली प्रत्येक शिकायत का पंजीकरण होता है। उसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग होती है और शिकायतकर्ता अपने मोबाइल के माध्यम से यह भी देख सकता है कि उसकी शिकायत किस स्तर पर लंबित है और उस पर क्या कार्रवाई हुई है। हम एक और महत्वपूर्ण सुधार करेंगे। जिस अधिकारी को शिकायत भेजी जाएगी, उससे बहुत कम समय में फीडबैक लिया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसने शिकायत को गंभीरता से लिया है या नहीं। इससे जवाबदेही और बढ़ेगी।
प्रश्न : सीएम विंडो की सबसे बड़ी विशेषता उसकी समयबद्ध कार्यशैली रही है। क्या वह व्यवस्था फिर से पूरी मजबूती से लागू होगी?
भोपाल सिंह खदरी : मैं अभी इस जिम्मेदारी में नया हूं, इसलिए पूरी व्यवस्था का गहराई से अध्ययन कर रहा हूं। जहां-जहां सुधार की आवश्यकता होगी, वहां तुरंत कदम उठाए जाएंगे। यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की दूरदर्शी सोच का परिणाम थी। इसकी सफलता को देखते हुए कई अन्य राज्यों ने भी इसी प्रकार की व्यवस्था अपनाई। हमारा प्रयास रहेगा कि हरियाणा में यह मॉडल फिर से उसी प्रभावशीलता के साथ कार्य करे।
प्रश्न : आखिरकार मुख्यमंत्री के पास वही व्यक्ति पहुंचता है जो कहीं न कहीं परेशान होता है। ऐसे लोगों को राहत दिलाने के लिए आपकी कार्यशैली क्या होगी?
भोपाल सिंह खदरी : हमारी प्राथमिकता होगी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान हो। यदि शिकायत का समाधान हो जाता है तो शिकायतकर्ता को इसकी सूचना दी जाएगी। यदि किसी कानूनी, तकनीकी या प्रशासनिक कारण से तत्काल समाधान संभव नहीं है तो उसकी पूरी जानकारी भी शिकायतकर्ता को दी जाएगी ताकि उसे अनिश्चितता का सामना न करना पड़े। पारदर्शिता और संवाद—यही हमारी कार्यशैली का आधार होगा।
प्रश्न : पुलिस, बिजली, राजस्व और अन्य जनसंपर्क वाले विभागों से सबसे अधिक शिकायतें आती हैं। क्या इन विभागों पर विशेष फोकस रहेगा?
भोपाल सिंह खदरी : बिल्कुल। सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से बैठकें की जाएंगी। उन्हें मुख्यमंत्री की कार्यशैली और प्राथमिकताओं से अवगत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं जनता के बीच रहते हैं और लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं। इसलिए अधिकारियों का भी यह दायित्व है कि वे संवेदनशीलता के साथ काम करें और लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न होने दें।
प्रश्न : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जाती है कि वे हर समय लोगों के लिए उपलब्ध रहते हैं। इसका असर शिकायत व्यवस्था पर भी पड़ता है?
भोपाल सिंह खदरी : निश्चित रूप से। मुख्यमंत्री का स्वभाव बेहद सरल और सहज है। वे किसी भी समय लोगों से मिलने में संकोच नहीं करते। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग सीधे अपनी समस्याएं उनके सामने रखते हैं। यह शिकायतों की अधिक संख्या का कारण नहीं बल्कि मुख्यमंत्री की जनता के प्रति संवेदनशीलता और सहज उपलब्धता का प्रमाण है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि उन शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।
'जनता को त्वरित न्याय दिलाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता'
बातचीत के अंत में भोपाल सिंह खदरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की स्पष्ट मंशा है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकने को मजबूर न हो। शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाममुखी बनाया जाएगा ताकि जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो तथा सीएम विंडो एक बार फिर सुशासन का प्रभावी माध्यम बन सके।