समय पर नहीं किया ये जरूरी काम तो नौकरी में नहीं मिलेगा आरक्षण, HC ने सुनाया बड़ा फैसला

Edited By Isha, Updated: 19 Jun, 2026 01:27 PM

no job reservation without timely caste certificate

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि आरक्षित वर्ग का लाभ लेने के लिए भर्ती विज्ञापन में निर्धारित अंतिम तिथि तक वैध जाति

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि आरक्षित वर्ग का लाभ लेने के लिए भर्ती विज्ञापन में निर्धारित अंतिम तिथि तक वैध जाति प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। अंतिम तिथि के बाद जारी प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं दिया - जा सकता। कोर्ट ने इस संबंध में दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया।

मामला हरियाणा के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग - में ग्रुप-बी के विभिन्न पदों पर भर्ती से जुड़ा है। विभाग ने 18 मई 2024 को सहायक निदेशक, प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल तथा अप्रेंटिसशिप एवं प्लेसमेंट अधिकारी समेत विभिन्न पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। याचिकाकर्ताओं ने बीसी-ए श्रेणी के तहत आवेदन किया था, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान पाया गया कि उनका बीसी-ए प्रमाणपत्र आवेदन की अंतिम तिथि 5 जून 2024 के बाद जारी हुआ था। इसके आधार पर आयोग ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी, जिसे हाई कोर्ट ने भी सही ठहराया।
 
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने आरक्षित वर्ग का लाभ देने देने की मांग की, आयोग व सरकार ने भर्ती नियमों का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। आयोग ने बताया कि विज्ञापन में अंतिम तिथि तक वैध प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य था, इस संबंध में हाईकोर्ट के पूर्व फैसले का भी जिक्र किया। कोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया की शर्तों का समान रूप से पालन जरूरी है और किसी अभ्यर्थी को विशेष छूट नहीं दी जा सकती। तय समय सीमा के भीतर प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करने पर उम्मीदवारी रद्द करना पूरी तरह वैध है। कोर्ट के फैसले से ऐसे अभ्यर्थियों को झटका लगा है, जो विलंब से बने प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ चाहते थे।

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