फॉर्च्यूनर ठगी केस में नया ट्विस्ट ; कार डीलर नहीं, हाईकोर्ट वकील निकला आरोपी, कुरुक्षेत्र पुलिस पर उठे सवाल

Edited By Krishan Rana, Updated: 26 Apr, 2026 09:16 PM

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फॉर्च्यूनर कार दिलाने के नाम पर 31 लाख रुपए की कथित ठगी के मामले में अब नया मोड़ सामने आया

कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : फॉर्च्यूनर कार दिलाने के नाम पर 31 लाख रुपए की कथित ठगी के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में आरोपों के घेरे में आए रूपांकन शर्मा कार डीलर नहीं, बल्कि हाईकोर्ट के अधिवक्ता निकले हैं। हालांकि इस मामले में दर्ज हुई एफआईआर के बाद पंजाब केसरी द्वारा समाचार वेब पोर्टल पर प्रकाशित किया गया था। बता दें इस मामले में रूपांकन शर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को इस पूरे प्रकरण में आरोपी नहीं बल्कि पीड़ित बताया है।

रूपांकन शर्मा का दावा है कि उन्हें इस मामले में पहले ही रोहतक के एस.पी. द्वारा क्लीन चिट दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी को सस्ती फॉर्च्यूनर दिलाने का न तो कोई वादा किया और न ही इस तरह का कोई सौदा किया।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता दिलबाग सिंह के जानकार कुलदीप सिंह से उन्हें पैसे लेने थे, जो बाद में दिलबाग सिंह के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में उन्हें दिए गए। उनके अनुसार, संबंधित गाड़ी कुलदीप सिंह ने उनके पास सिक्योरिटी के तौर पर रखी हुई थी। जैसे ही पूरी रकम उन्हें मिल गई, उन्होंने गाड़ी वापस सौंप दी।

रूपांकन शर्मा ने दर्ज एफआईआर को तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि इसे गलत मंशा से दर्ज कराया गया है और वे इसे माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब रोहतक की इकोनॉमिक्स सेल और एसपी उन्हें क्लीन चिट दे चुके हैं, तो कुरुक्षेत्र की इकोनॉमिक्स सेल द्वारा बिना पूरी जांच के मामला दर्ज करना गलत है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही उन्हें फोन पर एक पुलिस अधिकारी द्वारा चेतावनी दी गई थी कि उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा, जबकि उनका पक्ष ठीक से सुना ही नहीं गया ओर संबंधित की रिकॉर्डिंग भी उनके पास उपल्ब्ध है।

क्या था मामला
गौरतलब है कि डेरा संत सिंह निवासी शिक्षक दिलबाग सिंह ने शिकायत दी थी कि सस्ती टोयोटा फॉर्च्यूनर दिलाने के नाम पर उससे करीब 31 लाख रुपए लिए गए, लेकिन न तो गाड़ी दी गई और न ही पैसे लौटाए गए। बाद में आरोपी द्वारा दिए गए तीन चेक भी बाउंस हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

क्या कहते हैं शिकायतकर्ता

इस मामले की शिकायतकर्ता शिक्षक दिलबाग सिंह ने कहा कि उनके द्वारा की हुई शिकायत के आधार पर ही पुलिस ने मामला दर्ज किया है जिसकी जांच जारी है। वहीं कुलदीप सिंह का कहना है कि दिलबाग सिंह द्वारा दी गई शिकायत पूरी तरह सही है और जांच में पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है और दोनों पक्षों के दावों के बीच सच्चाई सामने आना बाकी है।

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