Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 24 Jul, 2026 09:16 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट परीक्षा को लेकर साफ कर दिया है कि पेपर लीक करने वाले सजा जरूर मिलेगी। इसको लेकर चर्चा चल रही है। यह हमारे युवाओं के साथ जुड़ा हुआ विषय है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट परीक्षा को लेकर साफ कर दिया है कि पेपर लीक करने वाले सजा जरूर मिलेगी। इसको लेकर चर्चा चल रही है। यह हमारे युवाओं के साथ जुड़ा हुआ विषय है। नरेंद्र मोदी की सरकार युवाओं के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकती है। लंबे समय तक कांग्रेस, इंडी गठबंधन युवाओं को बरगलाकर राजनीति करने का काम कर रहे हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बात हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कही। वे आज गुड़गांव के भाजपा कार्यालय गुरुकमल में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
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नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार कड़ा कानून बनाने और युवाओं के इस विषय पर गंभीर है, परंतु विपक्ष युवाओं को मोहरा बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष कांग्रेस व इंडी गठबंधन को भी काफी समय मिला है और उनके लंबे कार्यकाल में एक बार नहीं बल्कि कई बार पेपर लीक हुए हैं। पेपर लीक होने के बाद भी कई बार यह कैंसिल ही नहीं करते थे और अगर कैसिंल कर भी दिया तो दो-दो महीने दोबारा पेपर कराने में लग जाते थे। जितनी गति से अगर कोई घटनाक्रम हुआ है तो चार दिन पहले नीट का रिजल्ट भी आ गया है। छात्र एडमिशन भी ले लेंगे, लेकिन जिन्होंने गलत किया है उन्हें बख्शा भी नहीं जाएगा।
कांग्रेस ने इस विषय पर आज तक सोचा भी नहीं। कांग्रेस ने आज तक चर्चा तक नहीं कराई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सोशल मीडिया प्रियंका वाड्रा की वीडियो घूम रही है जिसे वह देख रहे थे, जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी। इस वीडियो में प्रियंका बोल रही है कि वह कोशिश करते हैं कि पेपर लीक को रोका जाए, लेकिन यह रुकता नहीं। जब आपको पता था कि पेपर लीक हो रहा है तो कोई कानून ताे बनाते। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हरियाणा में इस पर सख्त एक्शन लिया है। इस विषय पर विधानसभा में भी चर्चा हुई है। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि किसी को अधिकार नहीं है कि कोई छात्रों के, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करे और इसको लेकर प्रधानमंत्री लोकसभा में चर्चा करने के लिए तैयार है। विपक्ष अपने सुझाव दे ताकि कड़े कानून बनाए जा सकें और भविष्य में पेपर लीक जैसी समस्या का सामना न करना पड़े।