Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 11 Jun, 2026 04:50 PM

आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और जीएमडीए द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने वीरवार को अधिकारियों की टीम के साथ जोन-2 क्षेत्र के विभिन्न जलभराव संभावित...
गुड़गांव, (ब्यूरो): आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और जीएमडीए द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने वीरवार को अधिकारियों की टीम के साथ जोन-2 क्षेत्र के विभिन्न जलभराव संभावित स्थानों का निरीक्षण किया तथा मौके पर चल रहे जलनिकासी कार्यों की समीक्षा की।
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निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने सेक्टर-10ए, सेक्टर-9, सेक्टर-9ए, सेक्टर-4, सूर्या विहार तथा रेलवे लाइन के आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर मानसून के दौरान जलभराव की संभावनाओं और उनके समाधान के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
एमसीजी और जीएमडीए के संयुक्त कार्यों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने नगर निगम गुरुग्राम एवं गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा संयुक्त रूप से किए जा रहे जलनिकासी और ड्रेनेज सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा कार्यों की गुणवत्ता और गति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा सेक्टर 9 क्षेत्र में सम्पवेल का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही जीएमडीए द्वारा रेलवे लाइन के साथ कच्ची ड्रेन की सफाई का कार्य जोरों पर है। इन कार्यों से क्षेत्र में जलनिकासी और अधिक तेज होगी तथा नागरिकों को राहत मिलेगी।
निगमायुक्त ने कहा कि जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान पहले ही कर ली गई है और इन स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष फोकस
निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव संभावित क्षेत्रों में नालों की सफाई, जल निकासी मार्गों की बाधाओं को दूर करने तथा पंपिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन के आसपास तथा निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए, क्योंकि इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव की संभावना अधिक रहती है।
नागरिकों को राहत देना प्राथमिकता
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य मानसून के दौरान शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और जलभराव जैसी समस्याओं को न्यूनतम स्तर पर रखना है। इसके लिए सभी विभागों को सक्रिय रूप से कार्य करने तथा फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्थान पर जलभराव की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाए।
इस अवसर पर अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका एवं रविन्द्र यादव, मुख्य अभियंता विजय ढाका, कार्यकारी अभियंता सुंदर श्योराण, तुषार यादव, सहायक अभियंता विवेक बेनीवाल, सुनील लाठर तथा कनिष्ठ अभियंता सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने निगमायुक्त को विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और मानसून तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

मानसून से पहले सभी तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य
निगमायुक्त ने कहा कि शहर के विभिन्न हिस्सों में जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने, नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों की निगरानी तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं। एमसीजी व जीएमडीए का लक्ष्य मानसून शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्यों को पूर्ण कर गुरुग्राम को जलभराव की समस्या से राहत दिलाना है।