Edited By Isha, Updated: 02 Oct, 2026 08:24 PM

कुरुक्षेत्र के दबखेड़ी गांव के पास सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर में मछली पकड़ने के लिए लगाए गए जाल में करीब 50 किलो वजनी मगरमच्छ फंस गया। जाल खींचते समय मगरमच्छ को देखकर मछली पकड़ने वाले मजदूर घबरा गए
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): कुरुक्षेत्र के दबखेड़ी गांव के पास सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर में मछली पकड़ने के लिए लगाए गए जाल में करीब 50 किलो वजनी मगरमच्छ फंस गया। जाल खींचते समय मगरमच्छ को देखकर मछली पकड़ने वाले मजदूर घबरा गए और तुरंत नहर से बाहर निकल आए। मजदूरों ने इसकी सूचना अपने ठेकेदार को दी, जिसके बाद गोताखोर प्रगट सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि करनाल निवासी ठेकेदार भगवान सिंह का उनके पास फोन आया था। ठेकेदार ने बताया कि मजदूरों ने एसवाईएल नहर में मछली पकड़ने के लिए जाल लगाया हुआ था। जब वे जाल खींच रहे थे तो उसमें करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ फंसा मिला। मगरमच्छ के फंसने से जाल भी फट गया। मजदूरों ने खुद मगरमच्छ को निकालने का जोखिम नहीं उठाया और मदद मांगी।
सूचना मिलते ही प्रगट सिंह अपनी टीम के सदस्य गुरुजी, मामू, सुरेंद्र, प्रवीण और बलविंदर सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को काबू किया और जाल से बाहर निकाला। मगरमच्छ के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद मजदूरों ने राहत की सांस ली।
वन्य प्राणी विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। विभाग की ओर से बलराम, सुभाष और कृष्णा ने मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया और उसे भौर सैंदा स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र पहुंचाया, जहां उसे सुरक्षित रखा गया।
नहर में और मगरमच्छ होने की आशंका
प्रगट सिंह ने बताया कि फिलहाल एसवाईएल नहर में करीब चार फीट पानी बह रहा है। उन्होंने मजदूरों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि नहर में अन्य मगरमच्छ भी हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि अन्य मगरमच्छों को सुरक्षित निकालने के लिए अगले दिन से रेस्क्यू अभियान शुरू करने की योजना है। ऐसे में नहर में मछली पकड़ने वाले मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।