Edited By Harman, Updated: 30 Sep, 2026 01:59 PM

थानेसर अनाज मंडी में धान की खरीद शुरू होने के साथ ही पोर्टल पर फसल वेरिफिकेशन की समस्या किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। पोर्टल पर वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण किसानों को गेट पास कटवाने में दिक्कत आ रही है।
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : थानेसर अनाज मंडी में धान की खरीद शुरू होने के साथ ही पोर्टल पर फसल वेरिफिकेशन की समस्या किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। पोर्टल पर वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण किसानों को गेट पास कटवाने में दिक्कत आ रही है। समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज गांव कैथल क्षेत्र के पूर्व सरपंच राजेंद्र सिंह ने मार्केट कमेटी थानेसर कार्यालय के बाहर दरी बिछाकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनके समर्थन में शहीद भगत सिंह किसान यूनियन भी सामने आई है और यूनियन की ओर से किसानों से मौके पर पहुंचने की अपील की गई है।
राजेंद्र सिंह के अनुसार उनकी करीब 10 एकड़ धान की फसल पिछले लगभग 10 दिनों से मंडी में पहुंची हुई है। वह 25-26 सितंबर से गेट पास कटवाने के लिए मंडी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पोर्टल पर फसल का वेरिफिकेशन नहीं दिखने के कारण उनकी फसल का गेट पास नहीं कट पा रहा। उन्होंने बताया कि अधिकारियों से कई बार बातचीत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने आमरण अनशन शुरू करने का फैसला लिया।
तीन दिन से काट रहे थे मंडी के चक्कर
पूर्व सरपंच ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए वह लगातार तीन दिनों से मार्केट कमेटी कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। अधिकारियों से बातचीत और आश्वासन के बावजूद पोर्टल पर वेरिफिकेशन की समस्या बनी रही। उनका कहना है कि जब तक उनकी फसल का वेरिफिकेशन नहीं होता और गेट पास की समस्या दूर नहीं होती, तब तक वह अनशन जारी रखेंगे।
पहले भी सामने आ चुका है मामला
थानेसर मंडी में पोर्टल पर वेरिफिकेशन नहीं होने का यह पहला मामला नहीं है। मंगलवार को बरवा गांव के किसान गुरचरण सिंह भी करीब 6 एकड़ धान लेकर मंडी पहुंचे थे। पोर्टल पर फसल का पंजीकरण नहीं दिखने के कारण गेट पास नहीं कट सका। नाराज किसान ने गेट पास बनाने वाले कमरे पर करीब एक घंटे तक ताला जड़ दिया था। बाद में मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने उसे समझाया और गेट पास कटवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद उसने ताला खोल दिया। गुरचरण सिंह ने अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा था कि यदि गेट पास नहीं काटा गया तो वह मंडी में ही आग लगाने जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर होगा। इस मामले में किसान की ओर से माचिस निकाले जाने की बात भी सामने आई थी। हालांकि अधिकारियों के समझाने के बाद स्थिति संभल गई।
किसान यूनियन ने उठाया पोर्टल का मुद्दा
शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के महासचिव दिलबाग सिंह ने कहा कि पोर्टल पर वेरिफिकेशन की समस्या केवल एक किसान तक सीमित नहीं है। कई किसानों को अपनी फसल के वेरिफिकेशन में परेशानी आ रही है। उन्होंने दावा किया कि पोर्टल पर करीब 20 प्रतिशत किसानों का ही वेरिफिकेशन दिखाई दे रहा है, जबकि बाकी किसान गेट पास कटवाने के लिए परेशान हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल मंडी में पहुंच रही है, लेकिन पोर्टल संबंधी तकनीकी समस्या के कारण खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। यूनियन ने प्रशासन से समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।