Edited By Isha, Updated: 10 May, 2026 04:26 PM

हरियाणा के स्वास्थ्य क्षेत्र की रीढ़ माने जाने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों कच्चे कर्मचारियों के लिए यह खबर किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सभी एनएचएम
डेस्क: हरियाणा के स्वास्थ्य क्षेत्र की रीढ़ माने जाने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों कच्चे कर्मचारियों के लिए यह खबर किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सभी एनएचएम कर्मियों को 'सर्विस बाय-लॉज' के दायरे में लाने का फैसला किया है। अब तक इन लाभों को लेकर स्थिति काफी स्पष्ट नहीं थी, लेकिन मिशन निदेशक कार्यालय द्वारा जारी ताजा पत्र ने संशय के बादलों को पूरी तरह साफ कर दिया है। सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उनकी कार्यप्रणाली भी अब नियमबद्ध और सुरक्षित हो जाएगी।
इस फैसले की पृष्ठभूमि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस महत्वपूर्ण आदेश से जुड़ी है, जो डॉ. नेहा बंसल बनाम हरियाणा राज्य के मामले में 17 नवंबर 2025 को सुनाया गया था। कोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में दलीलें सुनते हुए उन्हें सेवा उपनियमों का लाभ देने की बात कही थी। हालांकि, पहले इसे केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित रखने की चर्चा थी, लेकिन वित्त विभाग की मंजूरी के बाद अब इसे प्रदेश के सभी एनएचएम कर्मियों पर लागू कर दिया गया है। मिशन निदेशक ने सभी सिविल सर्जनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों को प्रशासनिक सुविधाओं का लाभ मिलने में देरी न हो।
बता दें कि हरियाणा के एनएचएम कर्मचारी संगठन पिछले काफी समय से इस मांग को लेकर मुखर रहे हैं। संगठनों का तर्क था कि जब काम एक जैसा है, तो सेवा के नियम भी सबके लिए एक समान होने चाहिए। केवल कोर्ट जाने वाले कर्मचारियों को लाभ देना अन्य कर्मियों के साथ नाइंसाफी थी। अब सरकार के इस आदेश ने हजारों उन कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, जो लंबे समय से अनिश्चितता के दौर में काम कर रहे थे। हालांकि, आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यह लाभ फिलहाल लंबित जनहित याचिका (PIL) के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा, लेकिन मौजूदा परिस्थिति में यह कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है।