Edited By Isha, Updated: 30 Sep, 2026 12:21 PM

पुराने कर बकाये के निपटारे के लिए चल रही हरियाणा एकमुश्त समाधान योजना-2026 में सरकार ने कारोबारियों को दो महीने की अतिरिक्त मोहलत दी है। योजना का लाभ लेने की अंतिम तारीख अब 30 सितंबर के बजाय 30 नवंबर 2026 कर दी गई है।
चंडीगढ़: पुराने कर बकाये के निपटारे के लिए चल रही हरियाणा एकमुश्त समाधान योजना-2026 में सरकार ने कारोबारियों को दो महीने की अतिरिक्त मोहलत दी है। योजना का लाभ लेने की अंतिम तारीख अब 30 सितंबर के बजाय 30 नवंबर 2026 कर दी गई है। आबकारी एवं कराधान विभाग ने मंगलवार को समयसीमा बढ़ाने की अधिसूचना जारी की। योजना की पात्रता और राहत की अन्य शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रदेश सरकार ने जीएसटी लागू होने से पहले के सात पुराने कर कानूनों से जुड़े विवाद और बकाये निपटाने के लिए एक जून को यह योजना शुरू की थी। तय समय में आवेदन या प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए पात्र करदाताओं को अब दो महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा।
योजना में राहत बकाये की राशि के आधार पर तय की गई है। किसी असेसमेंट वर्ष में एक लाख रुपये तक के कुल बकाये पर टैक्स, ब्याज और जुर्माने की पूरी माफी का प्रावधान है। हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम-1973 के मामलों में एक लाख रुपये से अधिक के टैक्स बकाये पर भी 70 प्रतिशत तक टैक्स राहत और ब्याज-जुर्माने की पूरी माफी का प्रावधान है।
अन्य छह कानूनों में एक से 10 लाख रुपये तक के बकाये पर 60 प्रतिशत, 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक 50 प्रतिशत, एक से 10 करोड़ रुपये तक 40 प्रतिशत, 10 से 30 करोड़ रुपये तक 35 प्रतिशत और 30 से 60 करोड़ रुपये तक 30 प्रतिशत टैक्स राहत मिलेगी। 60 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये पर टैक्स में छूट नहीं मिलेगी, लेकिन ब्याज और जुर्माना पूरी तरह माफ होगा। निपटान राशि पांच लाख रुपये तक होने पर एकमुश्त, पांच से 25 लाख रुपये तक होने पर दो और 25 लाख रुपये से अधिक होने पर तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा है। कारोबारी चुनिंदा वर्षों के बकाये का भी निपटारा करा सकेंगे।