विधायकों को खरीदने व करोड़ों के आरोप लगाने वालों के विरुद्ध जल्द ही लीगल एक्शन लिया जाएगा : तरुण भंडारी

Edited By Krishan Rana, Updated: 07 Apr, 2026 07:32 PM

legal action will soon be taken against those making allegations of buying mlas

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सलाहकार तरुण भंडारी ने कांग्रेस के नेताओं को चेतावनी दी है

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी):  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सलाहकार तरुण भंडारी ने कांग्रेस के नेताओं को चेतावनी दी है कि राज्यसभा चुनाव में पच्चीस-पच्चीस करोड़ बांटने के आरोप लगाने वाले नेता साबित करें कि यह पैसा कब और कैसे दिया गया। भंडारी ने कहा कि विधायकों को खरीदने व करोड़ों के आरोप लगाने वालों के विरुद्ध जल्द ही लीगल एक्शन लिया जाएगा उन पर अवमानना का केस करने पर विचार चल रहा है। भंडारी ने कांग्रेस हरियाणा मामलों को लेकर गठित अनुशासन समिति पर सवाल उठा दिए हैं, उन्होंने कहा कि खुद चेयरमैन जहां हरियाणा जनहित कांग्रेस में रह चुके हैं वहीं बाकी के बारे में हरियाणा प्रदेश के लोग जानते हैं।

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अनिल धंतौड़ी, कैलाशो सैनी का नाम लेकर कहा कि यह तो खुद अनुशासन में नहीं रहे और दूसरी पार्टियों में चले गए थे। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि वैसे, तो यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है लेकिन पिछले राज्यसभा चुनावों के बारे में भी नेता विपक्ष औऱ पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा साफ करें कि पहले गलती करने वालों के विरुद्ध क्या एक्शन लिया गया।

अंतरात्मा की आवाज पर विधायकों ने वोट डाला
तरुण भंडारी का कहना है कि वैसे कांग्रेस का आंतरिक मामला है लेकिन अगर यह गुनाह है, तो पहले भी हरियाणा में स्याही कांड हो चुका है, 15 वोटों का उस वक्त खेल हुआ था जो पूरे देश में मशहूर है। अब राज्यसभा के सांसद कार्तिकेय शर्मा के चुनाव के दौरान भी वोट रिजेक्ट हुए थे, तो तब कार्रवाई क्यों नहीं हुई, शाम को तीन बजे तक तो कोई भी वोट खराब नहीं होने के दावे किए जा रहे थे। भंडारी ने कहा कि खुद अनुशासन समिति में शामिल लोगों को अनुशासन का नहीं पता क्योंकि जब बड़े लोग अनुशासन तोड़ने लगें, तो अनुशासन की बात करना बेमानी है।

कांग्रेस से हर बार चूक हुई, राज्यसभा का प्रत्याशी चुनने में हुआ 
सीएम नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सलाहकार तरुण भंडारी का कहना है कि कांग्रेस से हर मामले में चूक हुई है, यही हरियाणा में कर्मबीर बौद्ध को प्रत्याशी बनाने में रहा। अधिकांश विधायक विरोध में थे, क्योंकि एक व्यक्ति रिटायर होकर दो चार लोगों को खुश कर सीदा राज्यसभा में चला गया। 

कांग्रेस में पुराने कांग्रेसियों को पार्षद का टिकट तक नहीं, एक व्यक्ति नौकरी से रिटायर हुए सीधा राज्यसभा कांग्रेस द्वारा हरियाणा सचिवालय के एक रिटायर हुए कर्मचारी को अचानक ही राज्यसभा में भेजने के फैसले पर हैरानी जाहिर की साथ ही कहा कि कांग्रेस में जीवन खराब कर देने वालों को पार्षद का टिकट तक नहीं मिला लेकिन अचानक ही रिटायर व्यक्ति को अचानक ही कुछ लोगों को खुश कर टिकट लेकर आ गया और सीधे राज्यसभा में चला गया है।

 

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